



कोलकाता। सुवेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पश्चिम बंगाल पुलिस ने बिहार और उत्तर प्रदेश से तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। सोमवार को तीनों आरोपियों को नॉर्थ 24 परगना के बारासात कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 13 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मयंक राज मिश्रा, विक्की मौर्य और राज सिंह के रूप में हुई है। मयंक और विक्की को बिहार के बक्सर से जबकि राज सिंह को उत्तर प्रदेश के अयोध्या से गिरफ्तार किया गया। जांच एजेंसियों को शक है कि राज सिंह पेशेवर शार्पशूटर है और वारदात में उसकी मुख्य भूमिका हो सकती है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों तक पहुंचने में टोल प्लाजा पर किया गया एक UPI पेमेंट और सीसीटीवी फुटेज अहम सुराग साबित हुए। ऑनलाइन ट्रांजैक्शन से जुड़े मोबाइल नंबर की मदद से पुलिस ने आरोपियों की लोकेशन ट्रैक की और गिरफ्तारी तक पहुंची।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम आने के दो दिन बाद, 6 मई को नॉर्थ 24 परगना के मध्यमग्राम इलाके में चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने उनकी कार को बीच रास्ते में रोका और ताबड़तोड़ फायरिंग की। गोली लगने से चंद्रनाथ रथ गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें सीने और पेट में तीन गोलियां लगी थीं।
घटना के बाद पूरे राज्य में राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम गठित की गई थी। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या के पीछे केवल आपराधिक साजिश थी या इसके तार किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों से पूछताछ जारी है और जल्द ही मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।