Thursday, 07 May 2026

जल जीवन मिशन घोटाले में बड़ी कार्रवाई: पूर्व मंत्री महेश जोशी को एसीबी ने किया गिरफ्तार


जल जीवन मिशन घोटाले में बड़ी कार्रवाई: पूर्व मंत्री महेश जोशी को एसीबी ने किया गिरफ्तार

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जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने जल जीवन मिशन (JJM) में कथित 900 करोड़ रुपये के घोटाले के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व मंत्री महेश जोशी को उनके जयपुर स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया। एसीबी की विशेष जांच टीम ( एसआईटी) ने बुधवार सुबह करीब 5 बजे सैन कॉलोनी, पावर हाउस रोड (जयपुर रेलवे स्टेशन के पास) स्थित उनके निवास पर दबिश देकर उन्हें हिरासत में लिया।

जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में ACB द्वारा गिरफ्तार किए गए पूर्व मंत्री महेश जोशी को बुधवार सुबह करीब 10 बजे मेडिकल जांच के लिए जयपुरिया हॉस्पिटल ले जाया गया। इस दौरान मीडिया से बातचीत में जोशी ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि उन्होंने कोई गलती नहीं की है और उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, ACB की टीम सुबह करीब 4:30–5 बजे उनके जयपुर स्थित आवास पर पहुंची थी। उसी दिन उनकी शादी की सालगिरह होने के कारण वे मंदिरों में दर्शन करने जाने वाले थे, लेकिन इससे पहले ही उन्हें हिरासत में ले लिया गया। जोशी के अनुरोध पर ACB टीम ने उन्हें स्नान करने और घर के पास स्थित शिव मंदिर में जल चढ़ाने की अनुमति दी। इसके बाद उन्हें ACB मुख्यालय ले जाया गया, जहां से मेडिकल के लिए अस्पताल भेजा गया।

हॉस्पिटल में जोशी ने कहा कि ACB ने उन्हें बिना किसी पूछताछ या नोटिस के गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने कहा, “मुझसे किसी प्रकार की पूछताछ नहीं की गई। मैं पूरी तरह निर्दोष हूं और सच्चाई सामने आएगी।” उन्होंने यह भी कहा कि जनता ने उन्हें दो बार विधायक और एक बार सांसद बनाया है और वे उस विश्वास पर खरे उतरेंगे।

पूर्व मंत्री ने अपने बयान में कहा, “सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं हो सकता। मुझे राजनीतिक षड्यंत्र के तहत फंसाया जा रहा है।” फिलहाल ACB इस मामले में आगे की जांच और पूछताछ की प्रक्रिया में जुटी हुई है

एसीबी के DIG डॉ. रामेश्वर सिंह के अनुसार, यह कार्रवाई लंबे समय से चल रही जांच के तहत की गई है। आरोप है कि पीएचईडी (PHED) मंत्री रहते हुए महेश जोशी ने अपने पद का दुरुपयोग कर टेंडर आवंटन के बदले रिश्वत ली। इस मामले में एसीबी ने वर्ष 2024 के अंत में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।

गौरतलब है कि इसी प्रकरण से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अप्रैल 2025 में महेश जोशी को गिरफ्तार किया था। वे लगभग 7 महीने जेल में रहे और 3 दिसंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट से उन्हें जमानत मिली थी। अब एसीबी की कार्रवाई ने इस मामले को फिर से सुर्खियों में ला दिया है।

जल जीवन मिशन  घोटाले की जांच 2024 में शुरू हुई थी और अब तक इस मामले में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 3 आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। एसीबी की टीम अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

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