



पटना। बिहार की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार में जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के मंत्री बनने की खबर है। बताया जा रहा है कि जेडीयू नेताओं के साथ देर रात हुई बैठक के बाद निशांत कुमार ने मंत्री पद स्वीकार करने पर सहमति दे दी है। वे 7 मई को गांधी मैदान में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में मंत्री पद की शपथ लेंगे।
निशांत कुमार के मंत्री बनने के चलते उनकी 7 मई से प्रस्तावित ‘सद्भावना यात्रा’ को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। अब यह यात्रा 9 मई से दोबारा शुरू की जाएगी, जिसका विस्तृत कार्यक्रम जल्द जारी होगा। इससे पहले वे सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए हुए थे और शुरुआत में मंत्री बनने से इनकार भी कर चुके थे, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और करीबी लोगों के समझाने के बाद उन्होंने अपना रुख बदला।
मुख्यमंत्री आवास 7 सर्कुलर रोड पर हुई जेडीयू की बैठक में मंत्रियों के नामों पर अंतिम मुहर लगाई गई और सूची मुख्यमंत्री को सौंप दी गई है। सूत्रों के अनुसार जेडीयू कोटे से दामोदर राउत, बुलो मंडल और भगवान सिंह कुशवाहा जैसे नेताओं को भी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है, जबकि कुछ पुराने चेहरों की वापसी की संभावना भी जताई जा रही है।
इस बीच मोकामा विधायक अनंत सिंह ने निशांत कुमार के मंत्री बनने पर खुशी जताते हुए कहा कि “खून का असर” दिखेगा और वे अपने पिता के रास्ते पर चलते हुए बेहतर काम करेंगे। वहीं, विधायक दल के नेता श्रवण कुमार के मंत्री बनने की संभावना कम बताई जा रही है।
बिहार में 7 मई को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में कुल 27 मंत्री शपथ ले सकते हैं, जिनमें भाजपा से 12, जेडीयू से 11, लोजपा (रामविलास) से 2 और हम तथा रालोमो से 1-1 मंत्री शामिल हो सकते हैं। हालांकि, भविष्य की राजनीतिक संभावनाओं को देखते हुए कुछ पद खाली रखे जाने की भी संभावना है।
शपथ ग्रहण समारोह को देखते हुए पटना में ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया गया है और बेली रोड स्थित निजी स्कूलों को एहतियातन बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। यह कैबिनेट विस्तार राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।