



जयपुर। सांगानेर स्थित पिंजरापोल गौशाला में आयोजित जयपुर बाल महोत्सव 2026 में राजस्थान सरकार के स्कूल शिक्षा, पंचायती राज एवं संस्कृत शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने शिरकत की। इस अवसर पर दोनों मंत्रियों ने विभिन्न जिलों से आए बच्चों द्वारा प्रस्तुत झांकियों, स्टॉल और रचनात्मक प्रदर्शनों का अवलोकन किया और उनकी प्रतिभा की सराहना की।
स्कूल शिक्षा, पंचायती राज एवं संस्कृत शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि ऐसे मंच शिक्षा को पुस्तकों की सीमाओं से बाहर निकालकर व्यावहारिक जीवन से जोड़ते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों में आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति की क्षमता और नेतृत्व कौशल विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि बच्चों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों की विशेषताओं को जिस रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है, वह भविष्य में स्थानीय पहचान और विकास की नई दिशा तय कर सकता है।
इस कार्यक्रम में KogniVera के संस्थापक कमलेश शर्मा ने भी बच्चों के साथ संवाद कर उनकी प्रस्तुतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जब बच्चे अपने परिवेश को समझकर उसे रचनात्मक रूप देते हैं, तो वही सोच आगे चलकर नवाचार और उद्यमिता की नींव बनती है।
डिजिटल बाल मेला की संस्थापक जान्हवी शर्मा ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य बच्चों को अपने जिले और समाज से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि यह मंच बच्चों को केवल प्रस्तुति देने का अवसर ही नहीं देता, बल्कि उनकी सोच को विकसित करने, उसे व्यवस्थित रूप से व्यक्त करने और समाज से जोड़ने की दिशा में प्रेरित करता है।
संवाद, सृजन और सीख...
— Madan Dilawar (@madandilawar) May 6, 2026
बाल मेले में उभरी प्रतिभा,
नवाचार से राष्ट्र निर्माण की ओर!#आपणो_अग्रणी_राजस्थान pic.twitter.com/Ng4JUoqu8N