Sunday, 03 May 2026

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ओड समाज को बड़ी सौगात: जयपुर में छात्रावास और रामदेवरा में धर्मशाला के लिए भूमि आवंटन


मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ओड समाज को बड़ी सौगात: जयपुर में छात्रावास और रामदेवरा में धर्मशाला के लिए भूमि आवंटन

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जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ओड समाज के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए जयपुर में छात्रावास तथा रामदेवरा में धर्मशाला के लिए भूमि आवंटन की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि ओड समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है और इस समाज ने राष्ट्र निर्माण, विशेष रूप से जल संरचनाओं एवं निर्माण कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि श्रम, संस्कृति और स्वाभिमान इस समाज की पहचान है तथा किलों, महलों और जल संरक्षण ढांचों के निर्माण में इसकी भूमिका उल्लेखनीय रही है।

मुख्यमंत्री रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित ओड समाज संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान में जल संरक्षण की परंपरा को समृद्ध बनाने में ओड समाज के पूर्वजों का विशेष योगदान रहा है, जिन्होंने सीमित संसाधनों में जल का सर्वोत्तम उपयोग करना सिखाया। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि राज्य सरकार पाक विस्थापित ओड समाज के लोगों की हरसंभव सहायता करेगी।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पेयजल एवं सिंचाई परियोजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारा जा रहा है तथा किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। प्रधानमंत्री की योजनाओं—जनधन खाता, उज्ज्वला योजना, हर घर नल से जल, शौचालय निर्माण और ‘लखपति दीदी’—का लाभ आमजन को मिल रहा है। किसानों को सम्मान निधि और जरूरतमंदों को खाद्य सुरक्षा व मुफ्त इलाज जैसी सुविधाएं भी प्रदान की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के कल्याण को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि श्रमिकों का सम्मान, सुरक्षा और सुविधा श्रम नीति का आधार है। उन्होंने बताया कि असंगठित श्रमिकों के लिए श्रम योगी मान-धन पेंशन योजना लागू है, जिसमें हजारों श्रमिकों का पंजीयन हो चुका है। राज्य में चार नई श्रम संहिताओं के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा, न्यूनतम वेतन, समय पर भुगतान और सुरक्षित कार्यस्थल सुनिश्चित किया गया है।

उन्होंने बताया कि पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत दस्तकारों को रियायती दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है तथा अब तक लाखों लाभार्थियों को प्रशिक्षण और हजारों को ऋण वितरित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना के तहत 60 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर 3 हजार रुपये मासिक पेंशन का प्रावधान किया गया है। श्रमिकों की न्यूनतम दैनिक मजदूरी में वृद्धि के साथ विभिन्न योजनाओं के माध्यम से करोड़ों रुपये का भुगतान भी किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-श्रम पोर्टल पर बड़े पैमाने पर पंजीयन किया गया है, जिससे श्रमिकों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके। साथ ही श्रम-सेतु मोबाइल ऐप के माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने एससी, एसटी एवं ओबीसी वर्ग के विद्यार्थियों के लिए प्रमाण पत्र और छात्रवृत्ति योजनाओं, घुमंतू समुदायों के पुनर्वास, तथा ‘स्कूल ऑन व्हील्स’ जैसी पहल का भी उल्लेख किया।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने ओड समाज के युवाओं से आधुनिक कौशल अपनाने, रोजगार सृजन में भागीदारी बढ़ाने तथा बेटियों को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर ओड महासभा के अध्यक्ष प्रेम ओड सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।

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