



जोधपुर। राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने रिफाइनरी हादसे के बाद चल रहे मरम्मत कार्य को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि रिपेयरिंग का काम शुरू हो चुका है और नुकसान सीमित स्तर का है। उन्होंने कहा कि रिफाइनरी के निर्माण कार्य से जुड़ी कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (L&T) द्वारा मरम्मत का कार्य किया जा रहा है, जिसमें लगभग 50 इंजीनियर और 400 वर्कर्स की टीम लगातार जुटी हुई है। वरिष्ठ इंजीनियरों की निगरानी में कार्य प्रगति पर है और अनुमान है कि मई के दूसरे या तीसरे सप्ताह तक मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। वहीं, हादसे की जांच एचपीसीएल (HPCL) द्वारा की जा रही है।
मुख्य सचिव शनिवार को जोधपुर दौरे पर पहुंचे थे, जहां उन्होंने रिफाइनरी की स्थिति की समीक्षा के साथ-साथ प्रशासनिक और तकनीकी समन्वय से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार तकनीक को प्रशासन से जोड़ने की दिशा में गंभीर प्रयास कर रही है, ताकि शासन प्रणाली को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया जा सके।
आईआईटी जोधपुर में आयोजित ‘मरुधरा प्रतिबद्धता दिवस’ समारोह में भाग लेने पहुंचे श्रीनिवास ने बताया कि तकनीक और प्रशासन के एकीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित नए प्रोजेक्ट्स शुरू करने की योजना है, जिससे सरकारी कार्यप्रणाली को और अधिक सक्षम बनाया जा सके। इस संबंध में आईआईटी जोधपुर के निदेशक डॉ. अविनाश अग्रवाल के साथ भी विस्तृत चर्चा हुई है।
उन्होंने आगे कहा कि ‘विकसित राजस्थान’ और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए समयबद्ध परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। प्रधानमंत्री के ‘अधिकतम शासन, न्यूनतम सरकार’ के विजन को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक विभाग को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इस दिशा में आईआईटी जोधपुर की पहल को उन्होंने सराहनीय बताया।