Sunday, 03 May 2026

डोटासरा का भाजपा सरकार पर हमला: “शासन-सुशासन सिर्फ भाषणों तक सीमित, होमगार्ड भर्ती में भ्रष्टाचार के आरोप”


डोटासरा का भाजपा सरकार पर हमला: “शासन-सुशासन सिर्फ भाषणों तक सीमित, होमगार्ड भर्ती में भ्रष्टाचार के आरोप”

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सीकर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में शासन और सुशासन केवल भाषणों तक सीमित रह गया है। उन्होंने दावा किया कि होमगार्ड भर्ती में 4 से 5 लाख रुपये तक लेकर पद बेचे गए हैं। रविवार को सीकर स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत करते हुए डोटासरा ने कहा कि सरकार नौकरियों के मामले में गंभीर नहीं है और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब ऐसे आरोप सामने आ रहे हैं तो सरकार अपनी स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं कर रही।

डोटासरा ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में नई भर्तियों की स्थिति निराशाजनक है और अधिकांश विभागों में रिक्त पद भरे नहीं जा रहे। उन्होंने बताया कि कॉलेज शिक्षा विभाग में 40 प्रतिशत से अधिक पद खाली हैं, जबकि सरकार स्थायी नियुक्तियों के बजाय संविदा पर भर्ती कर रही है। उनके अनुसार, संविदा कर्मचारियों को कम वेतन पर काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जिससे रोजगार की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान संविदाकर्मियों के नियमितीकरण के लिए बनाए गए नियमों का वर्तमान सरकार द्वारा पालन नहीं किया जा रहा।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने श्रीगंगानगर की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि एक ओर विधायक और अधिकारी एक-दूसरे पर मारपीट के आरोप लगा रहे हैं, वहीं निष्पक्ष जांच की दिशा में स्पष्टता का अभाव है। उन्होंने मांग की कि दोनों पक्षों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सजा दी जाए। डोटासरा ने इसे “कुशासन की पराकाष्ठा” बताते हुए कहा कि यदि किसी अधिकारी की रिपोर्ट तक दर्ज नहीं हो रही, तो यह गंभीर चिंता का विषय है।

उन्होंने महंगाई और जनसुविधाओं को लेकर भी सरकार की आलोचना की। डोटासरा ने कहा कि पेट्रोल, डीजल और कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी से आमजन पर बोझ बढ़ रहा है, जबकि भीषण गर्मी के बावजूद पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता की बुनियादी समस्याओं के प्रति संवेदनशील नहीं है।

डोटासरा ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के प्रति “जीरो टॉलरेंस” का दावा वास्तविकता से दूर है। उन्होंने कहा कि यदि छोटी नौकरियों में भी भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं, तो यह प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है। साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल चुनावों को लेकर भी भाजपा पर संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाया।

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