Sunday, 03 May 2026

राजस्थान में 14 नए कोर्ट खोलने को मंजूरी


राजस्थान में 14 नए कोर्ट खोलने को मंजूरी

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जयपुर। राजस्थान सरकार ने राज्य की अदालतों में बढ़ते लंबित मामलों के बोझ को कम करने के उद्देश्य से बड़ा निर्णय लेते हुए 14 नए न्यायालय स्थापित करने को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय विधि विभाग द्वारा राजस्थान हाईकोर्ट की सलाह के आधार पर लिया गया है। सरकार का मानना है कि नए कोर्ट खुलने से न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आएगी और आमजन को समय पर न्याय मिल सकेगा।

नए न्यायालयों की स्थापना के तहत विभिन्न स्तरों पर अदालतें खोली जाएंगी, जिनमें सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट, वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं एसीजेएम (ACJM), अपर जिला न्यायाधीश (ADJ) और एनडीपीएस (NDPS) मामलों के विशेष न्यायालय शामिल हैं। इन अदालतों के माध्यम से अलग-अलग श्रेणी के मामलों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।

सरकार द्वारा जारी विवरण के अनुसार, पाली और डीडवाना-कुचामन जैसे क्षेत्रों में विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट (एनआई एक्ट प्रकरण) न्यायालय स्थापित किए जाएंगे। वहीं शेरगढ़ (जोधपुर) और सांगोद (कोटा) में सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय खोले जाएंगे, जिससे आम जनता को अपने नजदीक न्यायिक सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। इसके अलावा, बाड़मेर (धोरीमन्ना), कोटा (इटावा), सीकर (खाटूश्यामजी), चूरू (तारानगर) और कोटपूतली-बहरोड़ (नीमराणा) में वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय स्थापित किए जाएंगे। इसी क्रम में बारां (किशनगंज), भरतपुर (रूपवास) और भीलवाड़ा (जहाजपुर) में अपर जिला न्यायाधीश (ADJ) स्तर के नए कोर्ट खोले जाएंगे।

मादक पदार्थ (NDPS) मामलों के लिए भी विशेष न्यायालय स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें निम्बाहेड़ा (चित्तौड़गढ़) और बीकानेर में विशेष NDPS न्यायालय शामिल हैं, जिनका क्षेत्राधिकार संबंधित जिलों के विभिन्न क्षेत्रों को कवर करेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन न्यायालयों का सटीक क्षेत्राधिकार संबंधित जिला एवं सेशन न्यायाधीश द्वारा निर्धारित किया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य अदालतों में लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी लाना, न्यायिक पहुंच को मजबूत करना और न्याय प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना है।

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