



राजस्थान में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बढ़ते विवादों के बीच श्रीगंगानगर की घटना ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। जनसुनवाई के दौरान जयदीप बिहाणी और RUIDP इंजीनियरों के बीच कथित मारपीट और हंगामे के बाद विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। इस बीच भाजपा ने मामले पर अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए समाधान का भरोसा दिलाया है।
भाजपा प्रदेशअध्यक्ष मदन राठौड़ ने पार्टी मुख्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि संगठन स्तर पर पूरे प्रकरण की जांच कर ली गई है और अगले दो से तीन दिनों में इसका समाधान निकाल लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस विवाद को सम्मानजनक तरीके से सुलझाया जाएगा, जिससे जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों दोनों की गरिमा बनी रहे।
भाजपा प्रदेशअध्यक्ष राठौड़ ने प्रशासनिक अधिकारियों को अपने कर्तव्यों के प्रति गंभीर और तत्पर रहने की सलाह दी, वहीं जनप्रतिनिधियों को भी संयम बरतने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि किसी भी विवाद को बढ़ाने के बजाय संवाद और समझदारी से हल निकालना जरूरी है, ताकि जनता के बीच सकारात्मक संदेश जाए और प्रशासनिक व्यवस्था पर विश्वास बना रहे।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच भाजपा ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा है। मदन राठौड़ ने आरोप लगाया कि विपक्ष के कुछ नेता इस मुद्दे को बेवजह तूल देकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने अशोक गहलोत और टीकाराम जूली पर यू-टर्न लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष को जिम्मेदारी के साथ बयान देना चाहिए, ताकि प्रदेश में अनावश्यक तनाव न बढ़े।
श्रीगंगानगर का यह विवाद एक बार फिर राजस्थान में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच टकराव को उजागर कर रहा है। जहां एक ओर भाजपा मामले को सुलझाने की बात कर रही है, वहीं कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर सरकार पर लगातार हमलावर बनी हुई है। आने वाले दिनों में इस विवाद के राजनीतिक और प्रशासनिक प्रभाव पर सभी की नजरें टिकी हैं।