



जयपुर। भजनलाल शर्मा से शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर कुम्हार–कुमावत–प्रजापत समाज के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधियों ने माटी कला को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा बजट में की गई घोषणाओं और समाज हित में किए जा रहे प्रयासों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। बैठक में पारंपरिक माटी कला के संरक्षण और उसके आर्थिक सशक्तिकरण पर भी चर्चा की गई।
कार्यक्रम के दौरान ‘माटी राजस्थान री’ पुस्तक का विमोचन भी किया गया, जिसमें प्रदेश की समृद्ध माटी कला और उससे जुड़े कारीगरों की विरासत को दर्शाया गया है। इस अवसर पर जोराराम कुमावत (पशुपालन एवं डेयरी मंत्री) और प्रहलाद राय टाक (माटी कला बोर्ड अध्यक्ष) सहित बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार द्वारा कारीगरों के हित में उठाए जा रहे कदमों की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि इन पहलों से माटी कला को नई पहचान और बाजार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने भी आश्वस्त किया कि सरकार पारंपरिक कलाओं के संरक्षण और कारीगरों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है।