



खाटूश्यामजी को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रशासन ने तेज़ी से कदम बढ़ाने शुरू कर दिए हैं। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कलक्टर आशीष मोदी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में इस महत्वाकांक्षी योजना पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि राज्य सरकार की मुख्यमंत्री बजट घोषणा के तहत 16 स्मार्ट सिटी परियोजनाओं में खाटूश्यामजी को शामिल किया गया है, जिसे जयपुर स्मार्ट सिटी क्लस्टर के अंतर्गत समग्र और संतुलित विकास के लिए विकसित किया जाएगा।
कलक्टर ने निर्देश दिए कि कस्बे में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रणाली को मजबूत किया जाए और कचरा निस्तारण के लिए डंपिंग यार्ड पर ही सॉलिड वेस्ट ट्रीटमेंट की प्रभावी व्यवस्था विकसित की जाए। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि डंपिंग यार्ड आबादी से पर्याप्त दूरी पर स्थित हो, ताकि स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
शहर के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को सुदृढ़ करने, पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था विकसित करने, साइनज सिस्टम लगाने और शटल सर्विस शुरू करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इन उपायों से तीर्थ स्थल पर आने वाले श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाने और भीड़-भाड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा ग्रीन एरिया के विकास, आपदा प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करने और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए आधुनिक अकाउंट मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने पर भी जोर दिया गया। बैठक में अंडरग्राउंड वेस्ट कलेक्शन सिस्टम और अंडरग्राउंड फायर फाइटिंग सिस्टम विकसित करने की योजना पर भी चर्चा हुई।
कलक्टर ने कहा कि इन सभी प्रयासों का उद्देश्य खाटूश्यामजी को स्वच्छ, सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आधुनिक स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में क्षेत्र में उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिलेगा। बैठक में एडीएम (शहर) भावना शर्मा, एसडीएम दांतारामगढ़ मोनिका सामौर, एसई पीडब्ल्यूडी जेपी यादव, एसीईओ देवेन्द्र गुप्ता सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।