


श्रीगंगानगर में विधायक सेवा केंद्र में हुआ विवाद अब गंभीर रूप ले चुका है, जहां दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट और दुर्व्यवहार के आरोप लगाए हैं। आरयूआईडीपी के सहायक अभियंता जगनलाल बैरवा ने जयदीप बिहाणी और उनके समर्थकों पर बुरी तरह पिटाई करने और जातिसूचक गालियां देने का आरोप लगाया है। वहीं विधायक पक्ष ने भी अधिकारियों पर हाथापाई करने का आरोप लगाते हुए पूरे मामले को अलग दिशा दे दी है। घटना के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में मामला चर्चा का विषय बन गया है।
बैरवा के अनुसार, उन्हें फोन कर विधायक सेवा केंद्र बुलाया गया था। वह एलएंडटी के प्रोजेक्ट मैनेजर शाहनवाज और इंजीनियर सोहराम के साथ मौके पर पहुंचे। उनका आरोप है कि वहां पहुंचते ही विधायक वाहन में बैठे हुए थे और बिना कोई बात सुने उन्हें थप्पड़ मारना शुरू कर दिया। इसके बाद कथित रूप से जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया और समर्थकों ने उन्हें जमीन पर गिराकर लात-घूंसों और पाइपों से पीटा। बैरवा का कहना है कि इस हमले में उनकी एक आंख को नुकसान पहुंचा है और शरीर पर कई गंभीर चोटें आई हैं।
हालांकि विधायक पक्ष ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि वे खुद किसी अधिकारी को बुलाकर उस पर हमला क्यों करेंगे। बैरवा ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर विधायक और उनके समर्थकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की बात कही है। घटना के बाद प्रदेशभर के अभियंताओं में आक्रोश फैल गया है। श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ सहित कई जिलों में इंजीनियरों ने सामूहिक अवकाश लेकर विरोध प्रदर्शन किया है। वहीं दलित संगठनों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
दूसरी ओर, जयदीप बिहाणी ने पहले अधिकारियों पर ही मारपीट का आरोप लगाया था। उनके अनुसार, बिहाणी कॉलेज स्थित विधायक सेवा केंद्र में पेयजल समस्या को लेकर बैठक चल रही थी, जिसमें आरयूआईडीपी के एईएन और एलएंडटी के प्रोजेक्ट मैनेजर मौजूद थे। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और आरोप है कि अधिकारियों ने तैश में आकर विधायक के साथ हाथापाई की, यहां तक कि उनके चेहरे पर थप्पड़ मारा, जिससे उनका चश्मा भी टूट गया।
घटना के दौरान मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति को नियंत्रित किया, जबकि सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। फिलहाल पूरे मामले की जांच की मांग तेज हो गई है और दोनों पक्षों के परस्पर विरोधी आरोपों के बीच वास्तविकता सामने आने का इंतजार किया जा रहा है।