



जयपुर। राजस्थान की सियासत में एक नया विवाद उभरता नजर आ रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कथित रिश्तेदार प्रमोद कुमार शर्मा का नाम सामने आने के बाद मामला अब राजस्थान हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। करोड़ों रुपये के कथित भूमि घोटाले, धोखाधड़ी और अवैध कब्जे के आरोपों ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज कर दी है।
प्रमोद शर्मा ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त कराने और गिरफ्तारी से बचाव के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। हालांकि प्रारंभिक सुनवाई में हाईकोर्ट ने उन्हें कोई अंतरिम राहत नहीं दी और मामले की गंभीरता को देखते हुए अगली तारीख के लिए सूचीबद्ध कर दिया।
यह मामला तब सामने आया जब जयपुर के मानसरोवर थाने में प्रमोद शर्मा और उनके सहयोगियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोपों में केस दर्ज किया गया। आरोप है कि सत्ता के प्रभाव का उपयोग करते हुए महंगी जमीनों के सौदों में अनियमितताएं की गईं और अवैध कब्जे किए गए।
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकीलों ने आरोपों को निराधार बताते हुए एफआईआर रद्द करने की मांग की, लेकिन अदालत ने फिलहाल किसी भी तरह का अंतरिम संरक्षण देने से इनकार कर दिया।राज्य पक्ष की सक्रियता और पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति से संकेत मिल रहे हैं कि जांच एजेंसियां इस मामले को गंभीरता से ले रही हैं।
अब इस प्रकरण में अगली सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलती है, तो पुलिस द्वारा गिरफ्तारी, संपत्ति कुर्की जैसी कार्रवाई की संभावना बढ़ सकती है।