



जयपुर। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में टीचिंग एसोसिएट के 3,540 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह भर्ती राजस्थान कॉलेज एजुकेशन सोसायटी (राजसेस) के तहत 32 विषयों में की जाएगी और चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति 5 साल के लिए संविदा आधार पर होगी।
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 5 मई से 3 जून 2026 तक चलेगी, जबकि भर्ती परीक्षा अगस्त से अक्टूबर के बीच आयोजित की जाएगी। परीक्षा में दो पेपर होंगे—पहला पेपर 75 अंकों का राजस्थान सामान्य ज्ञान पर आधारित होगा और दूसरा पेपर संबंधित विषय का 300 अंकों का होगा। बोर्ड ने भर्ती विज्ञप्ति के साथ विस्तृत सिलेबस भी जारी कर दिया है।
इस भर्ती के लिए अभ्यर्थियों के पास NET, SLET या PhD योग्यता होना अनिवार्य है। चयनित अभ्यर्थियों को ₹28,850 प्रतिमाह वेतन दिया जाएगा।
भर्ती 5 साल के लिए या सोसायटी की अवधि तक की जाएगी। यदि सोसायटी की अवधि बढ़ाई जाती है, तो प्रदर्शन के आधार पर नियुक्ति को अतिरिक्त 3 साल तक बढ़ाया जा सकता है। खास बात यह है कि राज्य सरकार पहली बार चयन बोर्ड के माध्यम से परीक्षा आधारित संविदा शिक्षक भर्ती करवा रही है।
इस भर्ती के साथ ही राज्य की विद्या संबल योजना पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। वर्तमान में लगभग 370 सरकारी कॉलेजों में करीब 2,500 शिक्षक इस योजना के तहत कार्यरत हैं।
शिक्षक संगठनों ने इस संविदा भर्ती का विरोध शुरू कर दिया है। शिक्षक नेता डॉ. रामसिंह सामोता के अनुसार, इस नई भर्ती व्यवस्था से पहले से कार्यरत शिक्षकों के भविष्य पर असर पड़ सकता है।
एक ओर यह भर्ती युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा अवसर लेकर आई है, वहीं दूसरी ओर संविदा आधारित नियुक्ति को लेकर असंतोष भी उभर रहा है। आने वाले समय में यह मुद्दा शिक्षा और रोजगार नीति के स्तर पर बड़ा विवाद बन सकता है।