



जयपुर। राजस्थान पुलिस मुख्यालय में महानिदेशक पुलिस (DGP) राजीव कुमार शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित उच्च स्तरीय रेंज समीक्षा बैठक में प्रदेश की कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए व्यापक कार्ययोजना पर चर्चा की गई।
मुख्यालय के सभागार में 6 घंटे से अधिक समय तक चली इस मैराथन बैठक में अपराध नियंत्रण, तकनीकी नवाचार, सड़क सुरक्षा और पुलिसिंग को आधुनिक बनाने के लिए रेंजवार प्रगति की समीक्षा की गई। जिलों द्वारा किए जा रहे अनूठे प्रयासों को साझा करते हुए बेहतर पुलिसिंग का रोडमैप तैयार किया गया।
बैठक में एनडीपीएस एक्ट, गैंगस्टर्स एक्ट और हार्डकोर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए। डीजीपी ने कहा कि अपराधियों की अवैध संपत्तियों की पहचान कर अटैचमेंट की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही 5 साल से अधिक पुराने लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के निर्देश भी दिए गए।
डीजीपी ने पुराने और चिन्हित हार्डकोर अपराधियों, हिस्ट्रीशीटरों और आदतन अपराधियों द्वारा बार-बार अपराध करने पर नाराजगी जताई। अधिकारियों को इसे चुनौती के रूप में लेते हुए उनके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा थानों के मालखानों में पड़ी सामग्री का अभियान चलाकर निस्तारण करने को कहा गया।
आमजन को तकनीक का लाभ पहुंचाने के लिए राजकॉप सिटीजन एप के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया गया। डीजीपी ने कहा कि जिले अलग-अलग एप बनाने के बजाय अपने सुझाव मुख्यालय को भेजें, ताकि उन्हें इसी एप में शामिल किया जा सके।
थानों में लगे CCTV कैमरों की कार्यशीलता और नियमित रिकॉर्डिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
जयपुर रेंज की लेन ड्राइविंग व्यवस्था को पूरे प्रदेश में विस्तार देने के निर्देश दिए गए।
टोल प्लाजा पर जागरूकता अभियान चलाकर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के प्रयास किए जाएंगे।
महिला अत्याचार और SC/ST एक्ट से जुड़े मामलों में अनुसंधान की गुणवत्ता पर चर्चा हुई। डीजीपी ने कहा कि झूठे मुकदमे दर्ज कराने वालों के खिलाफ धारा 182/211 IPC के तहत कार्रवाई कर इस्तगासा पेश किया जाए।
बैठक में जोधपुर पुलिस आयुक्तालय द्वारा “थाना गोद लेने” योजना का विशेष प्रस्तुतिकरण दिया गया। इस योजना का उद्देश्य थानों की कार्यप्रणाली में सुधार, संसाधनों का बेहतर प्रबंधन और पुलिस-पब्लिक समन्वय को मजबूत करना है।
बैठक में डीजीपी ने कई अन्य महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए—बीट प्रणाली को मजबूत और सक्रिय बनाया जाए।181 हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हो।1930 साइबर हेल्पलाइन मामलों की निगरानी जिला एसपी स्वयं करें।अभय कमांड सेंटर की प्रभावी मॉनिटरिंग हो।महिला बीट ऑफिसर स्कीम को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।किसी भी बड़ी घटना की तथ्यात्मक रिपोर्ट तत्काल पुलिस मुख्यालय भेजी जाए।
बैठक में डीजी लॉ एंड ऑर्डर संजय अग्रवाल, डीजी ट्रैफिक अनिल पालीवाल, डीजी स्पेशल ऑपरेशंस आनंद श्रीवास्तव समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। राजस्थान पुलिस मुख्यालय की इस समीक्षा बैठक को प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।