



जयपुर। ओडिशा के चर्चित “जीतू मुंडा केस” ने अब सियासी रंग पकड़ लिया है। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है और अब कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने इस मामले पर बड़ा बयान देते हुए संवेदनशील पहल की है।
कृषि मंत्री डॉ.किरोड़ी लाल मीणा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इस घटना को “अमानवीय और शर्मनाक” बताया। उन्होंने लिखा कि एक गरीब आदिवासी को कागजी खानापूर्ति के नाम पर इस तरह परेशान करना किसी भी सभ्य समाज के लिए कलंक है। उन्होंने ओडिशा के मुख्यमंत्री से इस मामले में तत्काल और कठोर कार्रवाई की मांग की है।
कृषि मंत्री डॉ.किरोड़ी लाल मीणा ने जीतू मुंडा और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए बड़ा ऐलान किया।उन्होंने कहा कि जीतू मुंडा का दर्द मेरा दर्द है। संकट की इस घड़ी में उनके साथ खड़ा रहना मेरा कर्तव्य है।” इसी भावना के तहत उन्होंने अपनी एक महीने की सैलरी पीड़ित परिवार को देने की घोषणा की है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह राशि जल्द ही परिवार तक पहुंचाई जाएगी।
ओडिशा में जीतू मुंडा का मामला उस समय सुर्खियों में आया, जब वह अपनी बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंच गया। बताया जा रहा है कि बैंक द्वारा आवश्यक दस्तावेज मांगे जाने के बाद मजबूरी में उसने यह कदम उठाया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद देशभर में सिस्टम की संवेदनशीलता और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठने लगे।