



जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार ने डिजिटल सुशासन की दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए ‘समाधान साथी’ व्हाट्सएप चैटबॉट शुरू किया है। यह चैटबॉट आमजन और विद्यार्थियों के लिए सरकारी सेवाओं को तेज, पारदर्शी और सुलभ बनाने की दिशा में क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में 14 अप्रैल 2026 को अंबेडकर जयंती के अवसर पर इस चैटबॉट का शुभारंभ किया गया। यह पहल सामाजिक न्याय और समान अवसर की भावना को सशक्त करने की दिशा में अहम कदम है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने बताया कि अब पेंशन, छात्रवृत्ति, आवेदन की स्थिति या अन्य सरकारी योजनाओं की जानकारी के लिए लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। आमजन केवल 7690080055 नंबर पर WhatsApp के जरिए मैसेज भेजकर कहीं से भी, कभी भी योजना और आवेदन से जुड़ी सटीक जानकारी तुरंत प्राप्त कर सकते हैं।
यह सुविधा खासतौर पर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रही है। जहां पहले सरकारी सेवाओं तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण था, वहीं अब ‘समाधान साथी’ ने सरकारी सेवाओं को सीधे लोगों की उंगलियों तक पहुंचा दिया है।
अब विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति योजनाओं की पात्रता, आवश्यक दस्तावेज, आवेदन की अंतिम तिथि, आवेदन की स्थिति और सामान्य सवालों के जवाब घर बैठे मिल सकेंगे। यह चैटबॉट आवेदन प्रक्रिया को चरण-दर-चरण मार्गदर्शन भी देता है, जिससे छात्र बिना किसी भ्रम के सही आवेदन भर सकें। साथ ही यह सामान्य त्रुटियों को पहचानकर उन्हें सुधारने में भी मदद करता है, जिससे आवेदन अस्वीकृत होने की संभावना कम हो जाती है।
पेंशन लाभार्थी अब पेंशन भुगतान की स्थिति, पात्रता और अन्य संबंधित जानकारी भी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। इस तरह यह चैटबॉट छात्रवृत्ति और पेंशन दोनों सेवाओं के लिए एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में काम करेगा।
‘समाधान साथी’ की एक और खासियत इसकी द्विभाषी सुविधा है। यह हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे हर वर्ग के नागरिक इसे आसानी से इस्तेमाल कर सकें। साथ ही यह विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध है, जिससे इसकी पहुंच और ज्यादा व्यापक हो गई है।
राजस्थान सरकार का कहना है कि ‘समाधान साथी’ पारंपरिक सरकारी कार्यप्रणाली को बदलते हुए ‘नागरिक-प्रथम’ शासन की अवधारणा को मजबूत करेगा। तकनीक के प्रभावी उपयोग से सरकार और आमजन के बीच की दूरी तेजी से कम हो रही है। ‘समाधान साथी’ अब केवल एक चैटबॉट नहीं, बल्कि सुविधा, पारदर्शिता और सशक्तिकरण का प्रतीक बनकर उभरा है—जहां समाधान अब ‘सिर्फ एक मैसेज दूर’ है।