



गंगटोक। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 अप्रैल सोमवार से दो दिवसीय सिक्किम दौरे पर रहेंगे। प्रधानमंत्री सिक्किम के 50 वें राज्य स्थापना दिवस समारोह के समापन कार्यक्रम में शामिल होंगे और राज्य को ₹ 4000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे।
प्रधानमंत्री सोमवार दोपहर करीब 3 बजे गंगटोक पहुंचेंगे। यहां वे लिबिंग हेलिपैड से गवर्नर हाउस लोक भवन तक रोड शो करेंगे। उल्लेखनीय है कि 16 मई 2025 को सिक्किम को राज्य बने 50 साल पूरे हुए थे। उस समय प्रधानमंत्री मोदी वर्चुअली समारोह से जुड़े थे, जबकि अब मंगलवार को एक वर्ष तक चले कार्यक्रमों का औपचारिक समापन होगा।
प्रधानमंत्री अपने दौरे के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, पर्यावरण और कृषि से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इनमें नामची में 100 बेड का अस्पताल, देओराली में 30 बेड का अस्पताल, तीस्ता नदी पर दो डबल-लेन स्टील पुल और गंगटोक में सिविल सर्विस ऑफिसर्स इंस्टीट्यूट जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं।
सिक्किम का भारत में विलय एक लंबी राजनीतिक और सामरिक प्रक्रिया का परिणाम था। 1947 में भारत की आजादी के समय पंडित जवाहरलाल नेहरू चाहते थे कि सिक्किम के साथ भी भूटान की तरह मैत्री संधि हो। इसके बाद 1950 में भारत-सिक्किम शांति समझौता हुआ, जिसके तहत सिक्किम भारत का संरक्षित राज्य (Protectorate State) बना और उसकी सुरक्षा व विदेश नीति की जिम्मेदारी भारत ने संभाली।
1967 में चीन ने नाथू-ला मार्ग से घुसपैठ की कोशिश की, जिसे भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया। इससे भारत को सिक्किम के सामरिक महत्व का और अहसास हुआ।
1973 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सिक्किम की राजनीतिक अस्थिरता को देखते हुए खुफिया एजेंसी RAW के प्रमुख आर. एन. काओ की मदद ली। ‘जनमत’ और ‘ट्विलाइट’ नाम से ऑपरेशन शुरू किए गए। 1974 में विधानसभा चुनाव के बाद काजी मुख्यमंत्री बने और ‘द गवर्नमेंट ऑफ सिक्किम एक्ट, 1974’ पास कराया गया, जिससे सिक्किम को भारत का एसोसिएट स्टेट बनाया गया।
1975 में निर्णायक मोड़ आया। 9 अप्रैल 1975 को भारतीय सेना की 64 माउंटेन ब्रिगेड ने सिक्किम के राजमहल को अपने नियंत्रण में लिया और चोग्याल को हाउस अरेस्ट कर दिया। इसके बाद 14 अप्रैल 1975 को जनमत संग्रह कराया गया, जिसमें 97.5% लोगों ने भारत में शामिल होने के पक्ष में मतदान किया। इसके बाद संसद ने 36वां संविधान संशोधन बिल पास कर 26 अप्रैल 1975 को सिक्किम को भारत का 22वां राज्य घोषित कर दिया।
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा राजनीतिक और रणनीतिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि सिक्किम पूर्वोत्तर भारत का संवेदनशील सीमावर्ती राज्य है और चीन सीमा से लगा हुआ है।