



जयपुर। राजस्थान विश्वविद्यालय का 35 वां दीक्षांत समारोह शनिवार को गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा राष्ट्र निर्माता हैं और उन्हें अपने ज्ञान, प्रतिभा और नवाचार का उपयोग विकसित भारत के निर्माण में करना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा भारत का भविष्य हैं और उन्हें अपनी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ना चाहिए।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारत को आर्थिक महाशक्ति बनाने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने विद्यार्थियों से नवाचार, शोध और उद्यमिता के जरिए देश को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है, जो सराहनीय है।
उन्होंने छात्राओं द्वारा अधिक स्वर्ण पदक प्राप्त करने पर खुशी जताई और कहा कि बालिकाएं देश का भविष्य हैं। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति देश की नींव है और उनके विकास एवं सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयास होने चाहिए। उपराष्ट्रपति ने युवाओं को अधिकारों के साथ अपने कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक रहने की सीख दी।
समारोह की अध्यक्षता कर रहे राज्यपाल एवं कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे ने कहा कि राजस्थान विश्वविद्यालय कभी राजपूताना विश्वविद्यालय के नाम से जाना जाता था। उन्होंने विश्वविद्यालय के ध्येय वाक्य का उल्लेख करते हुए कहा कि “धर्म ही पूरे विश्व का आधार है।” उन्होंने कहा कि यदि जीवन में सफलता चाहिए तो ईमानदारी, नैतिकता, चरित्र और राष्ट्रप्रेम को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी।
राज्यपाल ने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से नशीले पदार्थ भारत भेजे जा रहे हैं, जिससे भारतीय युवा प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने ड्रग्स को “आग” बताते हुए युवाओं से इससे दूर रहने और अपने परिवार व समाज को सुरक्षित रखने का संदेश दिया। उन्होंने युवाओं से भारत को समर्थ और शक्तिशाली बनाने का आह्वान किया।
उप मुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को याद करते हुए कहा कि शिक्षा सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि जीवन में धैर्य, अनुशासन, अनुकूलन, ईमानदारी और राष्ट्रप्रेम से ही सफलता हासिल की जा सकती है। उन्होंने प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में युवाओं की भूमिका को अहम बताया।
राज्यसभा सांसद राधामोहन अग्रवाल ने कहा कि स्वतंत्र भारत के प्रथम गवर्नर-जनरल सी. राजगोपालाचारी ने राजस्थान विश्वविद्यालय परिसर की आधारशिला रखी थी। उन्होंने इसे देश का प्रमुख शिक्षण संस्थान बताते हुए कहा कि यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले युवा राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
समारोह में कुलगुरु अल्पना कटेजा ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की जानकारी दी। इस अवसर पर राज्यपाल एवं कुलाधिपति ने मेधावी छात्र-छात्राओं को डिग्री और पदक प्रदान किए। समारोह में विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।