



नई दिल्ली। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम में अब 33 प्रतिशत महिला पदाधिकारियों को शामिल किया जाएगा। पार्टी संगठन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए यह बड़ा फैसला लिया गया है। यह फॉर्मूला संसदीय बोर्ड से लेकर राष्ट्रीय सचिव स्तर तक लागू होगा और राज्यों में भी इसी व्यवस्था को अपनाने की तैयारी है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक इस नई व्यवस्था को लागू करने की प्रक्रिया संगठन महासचिव की निगरानी में शुरू कर दी गई है। भाजपा नेतृत्व का मानना है कि संगठन में महिलाओं की मजबूत भागीदारी से पार्टी का जनाधार और व्यापक होगा।
बताया जा रहा है कि संसद में नारी वंदन विधेयक पास नहीं होने के बाद भाजपा ने अन्य राजनीतिक दलों को महिला विरोधी बताने का रुख अपनाया है। ऐसे में पार्टी के भीतर भी महिलाओं को अधिक प्रतिनिधित्व देना राजनीतिक और संगठनात्मक रूप से जरूरी माना जा रहा है।
फिलहाल भाजपा के संसदीय बोर्ड में केवल एक महिला सदस्य है। वहीं महासचिव स्तर पर कोई महिला पदाधिकारी नहीं है। इसके अलावा उपाध्यक्ष और राष्ट्रीय सचिव पदों पर भी महिलाओं की संख्या सीमित है। पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में महिलाओं की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत से भी कम बताई जा रही है। तय फॉर्मूले के अनुसार अब 12 सदस्यीय संसदीय बोर्ड में 4 महिलाएं होंगी। 7 महासचिव पदों में से 2, 12 उपाध्यक्ष पदों में से 4, और 11 राष्ट्रीय सचिव पदों में से 3 पद महिलाओं को दिए जाएंगे।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक इस बार भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में 100 से ज्यादा महिलाओं को जगह दी जाएगी। फिलहाल राष्ट्रीय कार्यकारिणी में कुल 396 सदस्य हैं। भाजपा का यह कदम संगठन में महिला सशक्तिकरण और राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। इससे आने वाले समय में राज्यों की इकाइयों में भी महिलाओं की भूमिका और मजबूत हो सकती है।