Saturday, 25 April 2026

सावधान ! शादी का ऑनलाइन कार्ड खोलते ही खाली हो सकता है बैंक खाता, राजस्थान पुलिस ने जारी की एडवाइजरी


सावधान ! शादी का ऑनलाइन कार्ड खोलते ही खाली हो सकता है बैंक खाता, राजस्थान पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

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जयपुर। वेडिंग सीजन में लोगों की खुशियों में सेंध लगाने के लिए साइबर अपराधियों ने ठगी का नया तरीका अपनाया है। अब जालसाज व्हाट्सएप पर डिजिटल शादी के निमंत्रण पत्र भेजकर लोगों के मोबाइल हैक कर रहे हैं और बैंक खातों तक पहुंच बना रहे हैं। इस बढ़ते खतरे को देखते हुए राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने प्रदेशवासियों के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी की है।

एडीजी साइबर क्राइम वीके सिंह के निर्देश पर जारी इस एडवाइजरी में लोगों से विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। डीआईजी साइबर क्राइम शांतनु कुमार सिंह ने बताया कि साइबर ठग लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ करते हुए शादी के कार्ड के नाम पर खतरनाक लिंक और फाइलें भेज रहे हैं।

उन्होंने बताया कि ये फाइल या लिंक मोबाइल में खुलते ही न केवल निजी जानकारी चुरा लेते हैं, बल्कि बैंक खाते तक खाली कर सकते हैं।

ठगी के 3 खतरनाक तरीके

1. APK फाइल फ्रॉड:
अपराधी व्हाट्सएप पर Marriage.apk जैसी फाइल भेजते हैं। जैसे ही इसे डाउनलोड या इंस्टॉल किया जाता है, मोबाइल का कैमरा, माइक, एसएमएस और अन्य एक्सेस हैकर के पास चला जाता है। इसके जरिए वे बैंक OTP तक चुरा सकते हैं।

2. फिशिंग लिंक फ्रॉड:
इस तरीके में फाइल की जगह bit.ly या tinyurl जैसे छोटे लिंक भेजे जाते हैं। लिंक पर क्लिक करते ही नकली वेबसाइट खुलती है, जहां मोबाइल नंबर, बैंक डिटेल्स या अन्य संवेदनशील जानकारी मांगी जाती है। कई बार बैकग्राउंड में जासूसी सॉफ्टवेयर भी डाउनलोड हो जाता है।

3. इमोशनल ब्लैकमेल / अर्जेंसी फ्रॉड:
हैकर्स किसी परिचित का अकाउंट हैक कर मैसेज भेजते हैं, जैसे—
“भाई, शादी का कार्ड भेजा है, जल्दी देख कर बताओ वेन्यू सही है या नहीं?”
परिचित का नाम देखकर लोग बिना सोचे-समझे लिंक खोल देते हैं और ठगी का शिकार हो जाते हैं।

बचाव के लिए क्या करें?

  • किसी भी फाइल के अंत में .apk लिखा हो तो उसे भूलकर भी इंस्टॉल न करें।

  • मोबाइल की सेटिंग में जाकर Google Play Protect हमेशा ऑन रखें।

  • किसी रिश्तेदार या परिचित के नंबर से संदिग्ध लिंक या कार्ड आए तो पहले फोन करके पुष्टि करें।

  • bit.ly और tinyurl जैसे छोटे लिंक पर क्लिक करने से पहले सावधानी बरतें।

ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत

अगर आप या आपका कोई परिचित ऐसी साइबर ठगी का शिकार हो जाए तो तुरंत शिकायत करें—

📞 साइबर हेल्पलाइन: 1930
📞 साइबर हेल्पडेस्क: 9256001930 / 9257510100
🌐 ऑनलाइन पोर्टल: National Cyber Crime Reporting Portal
या अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन / साइबर पुलिस स्टेशन से संपर्क करें।

राजस्थान पुलिस ने अपील की है कि एक क्लिक आपकी मेहनत की कमाई छीन सकता है, इसलिए सतर्क रहें और दूसरों को भी जागरूक करें।

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