



जयपुर। राजस्थान में ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में चलाए गए दो दिवसीय राज्यव्यापी विशेष अभियान ने ग्रामीण जल प्रबंधन को नई दिशा दी है। इस अभियान के तहत न केवल पेयजल समस्याओं की पहचान की गई, बल्कि उनके त्वरित समाधान का प्रभावी उदाहरण भी पेश किया गया। इसे गर्मी के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों को राहत देने वाली महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
इस विशेष अभियान के तहत प्रदेशभर में 1,535 हैंडपंपों की मरम्मत की गई और 911 पाइपलाइन लीकेज को दुरुस्त किया गया। इसके अलावा 329 अन्य पेयजल सुधार कार्य भी पूरे किए गए। इन प्रयासों का सीधा असर ग्रामीण क्षेत्रों में जल आपूर्ति को अधिक सुचारू और निर्बाध बनाने के रूप में सामने आया है।
अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि प्रशासन खुद गांव-गांव तक पहुंचा। जिला कलेक्टर से लेकर उपखंड अधिकारी, तहसीलदार और खंड विकास अधिकारी तक ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की तकनीकी टीमों के साथ मिलकर जमीनी स्तर पर निरीक्षण किया। मौके पर समस्याओं की पहचान कर उनका समाधान सुनिश्चित किया गया।
अभियान के दौरान कुल 2,677 कार्यों का निरीक्षण किया गया। इनमें जल जीवन मिशन के 407 कार्य, अमृत 2.0 योजना के 80 कार्य और 77 ग्रीष्मकालीन कंटीजेंसी कार्य शामिल रहे। इसके साथ ही बंद पड़े हैंडपंप और क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों को प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया गया। करीब 450 तकनीकी टीमों ने अभियान के दौरान 2,792 शिकायतें दर्ज कीं, जिनमें से 2,775 शिकायतों का तत्काल समाधान कर दिया गया। यह आंकड़ा प्रशासन की तेज कार्यशैली और बेहतर समन्वय को दर्शाता है। यह अभियान केवल एक प्रशासनिक कवायद नहीं, बल्कि जनहित और जनसेवा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण बनकर उभरा है। गर्मी के मौसम में पेयजल जैसी बुनियादी जरूरत को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर राज्य सरकार ने ग्रामीण विकास को केंद्र में रखने का संदेश दिया है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में शुरू किया गया यह अभियान त्वरित समाधान, जमीनी निरीक्षण और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का उदाहरण बन गया है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में प्रदेश के गांवों में जल आपूर्ति और अधिक सुदृढ़, विश्वसनीय और व्यवस्थित होगी।