



पुष्कर। तीर्थनगरी पुष्कर में आयोजित 43 दिवसीय शत गायत्री पुरश्चरण महायज्ञ के समापन अवसर पर सेवा कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने वाले कार्यकर्ताओं के सम्मान में विशेष प्रसादी कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय योगदान देने वाले सेवाभावी व्यक्तियों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
सनातन धर्म रक्षा संघ अजयमेरू के अध्यक्ष एवं पूर्व न्यायाधीश अजय शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम में यज्ञ सम्राट प्रखर महाराज द्वारा आध्यात्मिक लेखक एवं ‘परशुरामचरितम’ नामक बहुचर्चित पौराणिक ग्रंथ के रचयिता विजय कुमार शर्मा को ‘विप्र रत्न सम्मान’ से अलंकृत किया गया। उन्हें स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। इसी प्रकार नवीन शर्मा को भी संपूर्ण आयोजन में उत्कृष्ट सेवाएं देने पर स्मृति चिह्न भेंट कर विप्र रत्न सम्मान प्रदान किया गया।
प्रखर महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि विद्वान ब्राह्मणों का सम्मान करना गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना जागृत करने के साथ सेवा और संस्कार की भावना को भी मजबूत करते हैं।
कार्यक्रम में डॉ. कृष्णानंद महाराज, देवेंद्र त्रिपाठी, इंजीनियर अशोक शर्मा, तपस्वी गायत्री शर्मा, बृजेश गौड़, डॉ. रश्मि शर्मा, सरला शर्मा, अरुणा भास्कर, अमोघ शर्मा, पंडित कैलाश नारायण दाधीच, अरुण पाराशर, इंद्र सिंह पंवार सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। इसके अलावा विश्व हिंदू परिषद के लेखराज सिंह, किशन गुर्जर, सत्यनारायण भंसाली, शैलेन्द्र अग्रवाल, आनंद गोयल, अशोक पंसारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं समाजसेवी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान धार्मिक वातावरण, भक्ति रस और सेवा भावना का अद्भुत संगम देखने को मिला। आयोजन के सफल समापन पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।