



जयपुर। राजस्थान विधानसभा को ईमेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद मचा हड़कंप अब शांत हो गया है। सुरक्षा एजेंसियों की सघन और तकनीकी जांच के बाद यह स्पष्ट हो गया कि धमकी पूरी तरह फर्जी थी। जांच के बाद विधानसभा परिसर में स्थिति सामान्य हो गई है और अधिकारी-कर्मचारी अपने कार्यस्थलों पर लौट आए हैं।
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत राज्य के पुलिस महानिदेशक को इसकी जानकारी दी। उस समय वे उदयपुर यात्रा पर थे, लेकिन उन्होंने लगातार पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी। उन्होंने विधानसभा के अधिकारियों और कर्मचारियों से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए उनका मनोबल बढ़ाया।
एहतियातन विधानसभा परिसर को तत्काल खाली कराया गया। मौके पर बम निरोधक दस्ता, विशेष पुलिस बल और एंटी सबोटाज चेक टीम पहुंची और विधानसभा के हर हिस्से की गहन जांच की गई। जांच के दौरान किसी भी प्रकार का विस्फोटक पदार्थ या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि अब विधानसभा भवन की नियमित एंटी सबोटाज जांच कराई जाएगी। इसके लिए विधानसभा सचिवालय की ओर से पुलिस सुरक्षा को पत्र भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि ईमेल भेजने वाले का पता लगाने के लिए साइबर एजेंसियां जांच कर रही हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस तरह की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में कोई ऐसी हरकत न कर सके।
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने बताया कि पुलिस आयुक्तालय की एंटी सबोटाज चेक टीम ने आवश्यक उपकरणों की सहायता से पूरे परिसर की जांच की। जांच पूरी होने के बाद टीम प्रभारी द्वारा विधानसभा को प्रमाण-पत्र भी जारी किया गया है कि परिसर पूरी तरह सुरक्षित है।
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि ईमेल में लिखी गई सामग्री का राजस्थान विधानसभा से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि ईमेल में कुछ असंबंधित और भ्रामक बातें लिखी गई थीं, जिससे अनावश्यक भ्रम और दहशत फैलाने का प्रयास किया गया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद सुरक्षा एजेंसियां अब विधानसभा की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही हैं।