



जयपुर। डिस्कॉम चेयरपर्सन और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आरती डोगरा को राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। राजस्थान हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने शुक्रवार को सिंगल बेंच द्वारा दिए गए एसीबी जांच के आदेश पर रोक लगा दी।यह आदेश कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस शुभा मेहता की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान दिया।
आरती डोगरा और डिस्कॉम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आर.एन. माथुर ने अदालत में पक्ष रखते हुए कहा कि याचिकाकर्ता के खिलाफ तीन विभागीय जांच पहले से लंबित हैं और इन सभी जांचों पर जल्द ही फैसला लिया जाएगा। उन्होंने दलील दी कि यह मामला भ्रष्टाचार से जुड़ा नहीं है, इसलिए एसीबी जांच का आदेश उचित नहीं है।
गौरतलब है कि गुरुवार को हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने आरती डोगरा के खिलाफ एसीबी जांच के आदेश दिए थे। जस्टिस रवि चिरानिया की बेंच ने सुपरिटेंडेंट इंजीनियर आर.के. मीना की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया था।
सिंगल बेंच ने टिप्पणी की थी कि डिस्कॉम चेयरपर्सन ने याचिकाकर्ता के खिलाफ जांच पर फैसला जानबूझकर कई महीनों तक लंबित रखा। अदालत ने कहा था कि इन परिस्थितियों में भ्रष्टाचार का संदेह करने के पर्याप्त आधार दिखाई देते हैं। सिंगल बेंच ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को पूरे मामले की जांच कर तीन महीने के भीतर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे। साथ ही अदालत ने यह भी कहा था कि प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि CMD अपने कर्तव्यों के निर्वहन में विफल रही हैं। हालांकि अब डिवीजन बेंच द्वारा इस आदेश पर रोक लगाए जाने के बाद फिलहाल एसीबी जांच पर विराम लग गया है। मामले की अगली सुनवाई में अदालत आगे की दिशा तय करेगी।