



बीकानेर में पंजाबी समाज द्वारा आयोजित दो दिवसीय बैसाखी पर्व उत्सव धूमधाम के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में आरटीडीसी के पूर्व अध्यक्ष राजीव अरोड़ा जयपुर से पहुंचे और समाज के लोगों को बैसाखी की शुभकामनाएं दीं।
अपने संबोधन में राजीव अरोड़ा ने कहा कि बैसाखी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि किसानों की मेहनत और समर्पण का उत्सव है। उन्होंने बताया कि इस दिन रबी की फसल तैयार होकर घर आती है, जिससे किसान का आंगन खुशियों से भर जाता है। यह प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और मेहनत के फल का जश्न मनाने का अवसर है।
उन्होंने गुरु गोबिंद सिंह जी को नमन करते हुए कहा कि उनके आदर्श हमें अन्याय के खिलाफ खड़े होने, समानता और सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। साथ ही उन्होंने जलियांवाला बाग के शहीदों को भी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बैसाखी हमें उनके बलिदान की याद दिलाती है।
आरटीडीसी के पूर्व राजीव अरोड़ा ने आधुनिक दौर में बैसाखी के महत्व को बताते हुए कहा कि अब यह केवल फसल कटाई का पर्व नहीं, बल्कि कृषि में नई तकनीकों को अपनाने, जल संरक्षण और बेटियों को समान अवसर देने का संदेश भी देता है। उन्होंने ‘सरबत दा भला’ के सिद्धांत को अपनाते हुए समाज में सद्भाव, पर्यावरण संरक्षण और नशामुक्ति पर जोर दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला ने की। उन्होंने भी राजस्थान के विकास में पंजाबी समाज के योगदान की सराहना करते हुए इसे राज्य की प्रगति में महत्वपूर्ण बताया। यह आयोजन सामाजिक एकता, सांस्कृतिक परंपरा और सामूहिक उत्साह का प्रतीक बनकर उभरा, जिसमें बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए।