



जयपुर में आयोजित सचिवालय कर्मचारी संघ के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कर्मचारियों और युवाओं के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पदोन्नति और वेतनमान से जुड़े विषयों के अध्ययन के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया है, जो भविष्य में 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों पर भी विचार करेगी।
मुख्यमंत्री शर्मा ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने 4 लाख नौकरियां देने का वादा किया था, जिसे हर हाल में पूरा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अब तक करीब सवा लाख नियुक्तियां दी जा चुकी हैं, सवा लाख पदों के लिए भर्ती कैलेंडर जारी किया जा चुका है, जबकि 1.35 लाख भर्तियां वर्तमान में प्रक्रियाधीन हैं। उन्होंने युवाओं से मेहनत और तैयारी जारी रखने की अपील की।
पेपर लीक मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि 15 दिसंबर 2023 को शपथ लेते ही सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। इसके परिणामस्वरूप अब तक 400 से अधिक आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं और पिछले दो वर्षों में एक भी पेपर लीक की घटना सामने नहीं आई है।
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत कानून-व्यवस्था में सुधार और अपराधों में कमी आने का दावा किया। साथ ही उन्होंने सचिवालय को आमजन की उम्मीदों का केंद्र बताते हुए अधिकारियों से अधिक जिम्मेदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री शर्मा ने सचिवालय में सहायक सचिव स्तर के 15 नए पद सृजित करने की घोषणा भी की। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी 15 पद बनाए जा चुके हैं और अब पदोन्नति के अवसर बढ़ाने के लिए अतिरिक्त पदों का सृजन किया जाएगा। साथ ही पदोन्नति में दो वर्ष की छूट देने के प्रावधान को लागू करने के लिए मुख्य सचिव को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि राजस्थान को देश का नंबर एक राज्य बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और इसके लिए प्रशासन, कर्मचारी और युवा वर्ग को मिलकर काम करना होगा।