



उत्तर प्रदेश के संभल जिले में गुरुवार सुबह से प्रशासन ने अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ा ध्वस्तीकरण अभियान शुरू किया। कोतवाली संभल क्षेत्र के बिछोली गांव में ईदगाह और इमामबाड़े पर बुलडोजर कार्रवाई की गई। सुबह करीब 8 बजे से शुरू हुए इस अभियान में पहले इमामबाड़े को पूरी तरह गिरा दिया गया, जबकि ईदगाह को चार बुलडोजरों की मदद से तोड़ा जा रहा है।
मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 5 थानों की पुलिस फोर्स और एक कंपनी PAC तैनात की गई है। जैसे ही कार्रवाई शुरू हुई, गांव के लोग मौके पर जुटने लगे, लेकिन विरोध की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने उन्हें वहां से हटा दिया।
प्रशासन के अनुसार, यह निर्माण करीब 7 बीघा चारागाह भूमि और खाद गड्ढे की जमीन पर अवैध रूप से किया गया था। इस संबंध में गांव के लोगों की शिकायत के बाद स्पर्श गुप्ता (लेखपाल) ने 18 जनवरी को तहसीलदार कोर्ट में अपील दायर की थी। इसके बाद 31 जनवरी को कोर्ट के आदेश पर नोटिस अखबार में प्रकाशित कराया गया, जिसमें कब्जाधारियों को सामने आने का मौका दिया गया, लेकिन कोई भी पक्ष सामने नहीं आया।
दोपहर करीब 12 बजे राजेंद्र पेंसिया और कृष्ण कुमार विश्नोई भी मौके पर पहुंचे और ध्वस्तीकरण अभियान की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कार्रवाई के दौरान एक हादसा भी हुआ, जब इमामबाड़े की दीवार अचानक जेसीबी मशीन पर गिर गई, जिससे ऑपरेटर सौरभ सिरसवाल के हाथ में चोट आई और मशीन को भी नुकसान पहुंचा।
निधि पटेल (एसडीएम) ने बताया कि पशुचर और गड्ढे की जमीन पर अतिक्रमण कर निर्माण किया गया था, जिसे तहसीलदार कोर्ट के आदेश पर हटाया जा रहा है। फिलहाल पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और प्रशासन की निगरानी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी है।