



जयपुर से दिल्ली के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। जल्द ही इस व्यस्त हाईवे को टोल बूथ फ्री कॉरिडोर में बदला जाएगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) मल्टी लेन फ्री फ्लो टोलिंग सिस्टम लागू करने की तैयारी लगभग पूरी कर चुका है, जिससे यात्रियों को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी और ट्रैफिक जाम की समस्या भी काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
इस नई तकनीक के तहत हाईवे पर बैरियर हटाकर विशेष गैन्ट्री (ढांचे) लगाए गए हैं, जिनमें लगे सेंसर और हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे गुजरने वाले वाहनों की नंबर प्लेट को स्कैन करेंगे। वाहन की श्रेणी के अनुसार टोल शुल्क स्वतः फास्टैग खाते से कट जाएगा। यह सिस्टम इतना उन्नत है कि 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गुजरने वाले वाहनों को भी सटीक पहचान सकता है। दूसरी गैन्ट्री भुगतान की पुष्टि के लिए काम करेगी, जिससे पूरी प्रक्रिया पूरी तरह ऑटोमेटेड हो जाएगी।
परियोजना के तहत जयपुर के दौलतपुरा, शाहजहांपुर और मनोहरपुर टोल प्लाजा को शामिल किया गया है। इन टोल प्लाजा के तकनीकी संचालन की जिम्मेदारी अगले पांच वर्षों के लिए एक निजी टेलीकॉम कंपनी को सौंपी गई है। प्रत्येक टोल प्लाजा पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। एनएचएआई इस सिस्टम को वर्ष के अंत तक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू करने की योजना बना रहा है।
नई व्यवस्था में यदि किसी वाहन के फास्टैग में पर्याप्त बैलेंस नहीं होगा, तो वाहन मालिक को ई-नोटिस जारी किया जाएगा। निर्धारित समय में भुगतान नहीं करने पर संबंधित वाहन को आरटीओ पोर्टल पर ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा, जिससे भविष्य में वाहन से जुड़ी सेवाओं में परेशानी आ सकती है।
मल्टी लेन फ्री फ्लो टोलिंग सिस्टम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित आधुनिक तकनीक है, जिसका उपयोग दुबई, सिंगापुर और अमेरिका जैसे देशों में पहले से हो रहा है। राजस्थान में पहली बार इस तकनीक को लागू किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को तेज, सुगम और बिना रुकावट के सफर का अनुभव मिलेगा।