



960 करोड़ रुपये के जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले से जुड़े मामले में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल को बुधवार को एक बार फिर एंटी करप्शन ब्यूरो कोर्ट में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान एसीबी ने उनकी दो दिन की पुलिस कस्टडी (पीसी) रिमांड की मांग की, लेकिन दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
सुनवाई के दौरान सुबोध अग्रवाल ने एसीबी की रिमांड मांग का विरोध किया और कोर्ट में अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि वे जांच में सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि एसीबी द्वारा मीडिया में यह क्यों कहा जा रहा है कि उन्होंने पूछताछ के दौरान सवालों के जवाब नहीं दिए। उन्होंने अदालत में कहा, “बताइए मैंने किन सवालों का जवाब नहीं दिया?”
इसके अलावा सुबोध अग्रवाल ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कोर्ट में एक आवेदन भी प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने जेल में अपनी जान को खतरा बताते हुए अलग सेल में रखने की मांग की है।
यह मामला राज्य के चर्चित आर्थिक घोटालों में से एक माना जा रहा है, जिसमें एसीबी लगातार जांच कर रही है। जांच एजेंसी का कहना है कि मामले में अभी कई महत्वपूर्ण पहलुओं की पड़ताल की जानी बाकी है, जबकि बचाव पक्ष का तर्क है कि आरोपी पहले से ही सहयोग कर रहे हैं और अतिरिक्त रिमांड की आवश्यकता नहीं है। अब सुबोध अग्रवाल को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद मामले की आगे की सुनवाई और जांच की दिशा पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।