



बिहार की राजनीति में 15 अप्रैल को एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है, जहां सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह पटना के लोकभवन स्थित जर्मन हैंगर में सुबह 11 बजे आयोजित किया जाएगा। इस समारोह में उनके साथ जदयू विधायक विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
यह शपथ ग्रहण समारोह राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें देश के कई राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री शामिल हो सकते हैं। सम्राट चौधरी के शपथ लेते ही वे बिहार के 24वें मुख्यमंत्री बन जाएंगे और राज्य में पहली बार भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार का गठन होगा।
इस राजनीतिक परिवर्तन की पृष्ठभूमि में नीतीश कुमार का इस्तीफा प्रमुख कारण रहा है। उन्होंने सोमवार को मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र दे दिया था और वे पिछले करीब 20 वर्षों से इस पद पर आसीन थे। उनके इस्तीफे के बाद राज्य में सत्ता परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त हुआ।
सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बनने वाली नई सरकार से प्रशासनिक नीतियों और विकास कार्यों में नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव बिहार की राजनीति में एक अहम मोड़ साबित हो सकता है, जिसका असर आने वाले समय में राज्य की शासन व्यवस्था और विकास योजनाओं पर भी देखने को मिलेगा।