Tuesday, 14 April 2026

कोटपूतली–किशनगढ़ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे: 2 घंटे में तय होगी दूरी, भूमि अधिग्रहण पर जनसुनवाई तेज


कोटपूतली–किशनगढ़ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे: 2 घंटे में तय होगी दूरी, भूमि अधिग्रहण पर जनसुनवाई तेज

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जयपुर में प्रस्तावित कोटपूतली से किशनगढ़ तक 208 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने के बाद कोटपूतली से किशनगढ़ की दूरी मात्र दो घंटे में तय की जा सकेगी, जबकि वर्तमान में इस सफर में करीब चार घंटे का समय लगता है। इसके अलावा दिल्ली से अजमेर तक यात्रा करने वाले यात्रियों को भी लगभग दो घंटे की समय बचत होगी, जिससे आवागमन अधिक सुगम और तेज हो सकेगा।

यह परियोजना लंबे समय से लंबित थी, लेकिन अब इसे गति देने के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। राजस्थान स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (RSRDC) द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर जनसुनवाई शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि ग्रामीणों की आपत्तियों को सुनकर समाधान किया जा सके। ये शिविर 11 अप्रैल से शुरू होकर 16 अप्रैल तक विभिन्न गांवों में आयोजित किए जा रहे हैं।

करीब 6 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस फोरलेन एक्सप्रेस-वे परियोजना से कोटपूतली-बहरोड़, सीकर, जयपुर और अजमेर जिले सीधे जुड़ेंगे। इस मार्ग पर 95 से अधिक अंडरपास और फ्लाईओवर बनाए जाएंगे, साथ ही 9 प्रमुख एंट्री और एग्जिट पॉइंट विकसित किए जाएंगे। सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस एक्सप्रेस-वे पर दुपहिया और तिपहिया वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी, जबकि किसानों की सुविधा के लिए हर एक से दो किलोमीटर पर अंडरपास बनाए जाएंगे।

यह एक्सप्रेस-वे कोटपूतली के पनियाला क्षेत्र से शुरू होकर आगे बढ़ेगा और इसे देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने वाली एक अहम परियोजना माना जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि इसके निर्माण से तेज, बाधारहित और सुरक्षित यातायात सुनिश्चित होगा, जिससे लॉजिस्टिक्स सेक्टर को भी मजबूती मिलेगी।

परियोजना के शुरू होने से दिल्ली-जयपुर-अजमेर राजमार्ग पर यातायात का दबाव कम होने की संभावना है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आ सकती है। हालांकि, भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों के बीच चिंता भी बनी हुई है। प्रभावित गांवों के किसानों को अपनी खेती योग्य भूमि कम होने और आय के स्रोत प्रभावित होने का डर सता रहा है, जिसके चलते कई स्थानों पर विरोध भी सामने आया है।

यह एक्सप्रेस-वे कुल 14 गांवों से होकर गुजरेगा, जिनमें गोनाडा, कालूहेडा, बनेटी, नरसिंहपुरा, अमरपुरा, रामनगर, चूरी, भोपतपुरा, कायमपुरा बांस, चिमनपुरा, अजीतपुरा खुर्द, चेचीका की नांगल, करवास और जयसिंहपुरा शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि सभी आपत्तियों को सुनकर पारदर्शी तरीके से भूमि अधिग्रहण किया जाएगा और प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। परियोजना अधिकारी दिनेश कुमार साहू ने कहा कि इस परियोजना से न केवल यातायात व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि क्षेत्र के समग्र विकास को भी गति मिलेगी।

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