Saturday, 11 April 2026

व्यापार राजस्थान-2026: ऑटोमोबाइल सेक्टर बनेगा विकास का इंजन, निवेशकों के लिए खुलेंगे नए अवसर : भजनलाल शर्मा


व्यापार राजस्थान-2026: ऑटोमोबाइल सेक्टर बनेगा विकास का इंजन, निवेशकों के लिए खुलेंगे नए अवसर : भजनलाल शर्मा

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जयपुर। मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार के नीतिगत निर्णयों के चलते राजस्थान में निवेशकों और उद्यमियों के लिए अपार संभावनाओं के द्वार खुल रहे हैं। जयपुर में आयोजित “व्यापार राजस्थान-2026” कार्यक्रम में उन्होंने ऑटोमोबाइल रिटेल सेक्टर को विकसित राजस्थान के ग्रोथ इंजन का महत्वपूर्ण घटक बताया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों को आवश्यक संसाधन और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे प्रदेश की आर्थिक प्रगति को गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि ऑटोमोबाइल सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं। अब अधिकृत वाहन डीलर्स को जिला परिवहन अधिकारियों की तरह वाहन पंजीयन की शक्तियां दी गई हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पेपरलेस हो गई है। वाहन डीलर्स द्वारा पंजीयन के साथ ही हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा यूज्ड कार के व्यापार को व्यवस्थित करने के लिए ट्रेड प्रमाण पत्र भी ऑनलाइन जारी किए जा रहे हैं। वाहन एवं सारथी पोर्टल पर उपलब्ध 58 सेवाओं में से 53 सेवाएं अब ऑनलाइन हो चुकी हैं, जिससे पारदर्शिता और सुविधा दोनों बढ़ी हैं।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शर्मा ने “गिविंग व्हील्स टू विकसित राजस्थान” थीम को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि राज्य सरकार एक मजबूत और पारदर्शी मोबिलिटी रिटेल इकोसिस्टम का निर्माण कर रही है। उन्होंने सुझाव दिया कि शहरों में ट्रैफिक समस्या के समाधान के लिए ऑटो रिटेल जोन बनाए जाएं, जिससे उपभोक्ताओं को एक ही स्थान पर सभी वाहन सेवाएं मिल सकें और व्यापार भी व्यवस्थित हो सके।

मुख्यमंत्री शर्मा ने यह भी बताया कि राजस्थान निवेश और व्यापार का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। राइजिंग राजस्थान के तहत 35 लाख करोड़ रुपए के एमओयू हुए हैं, जिनमें से करीब 9 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश धरातल पर उतर चुके हैं। उन्होंने कहा कि ऑटोमोबाइल रिटेल सेक्टर हजारों डीलर्स के माध्यम से लाखों लोगों को रोजगार देता है और जीएसटी राजस्व में भी महत्वपूर्ण योगदान करता है।

इस मौके पर उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बेरवा ने कहा कि कौशल विकास और ऑन-जॉब ट्रेनिंग मॉडल के जरिए युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं। मेगा स्किलिंग और रोजगार अभियान के तहत हर साल 10 हजार से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे राज्य की युवा शक्ति को सशक्त बनाया जा सके।

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