



राज्य के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने ईसरदा बांध परियोजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण परियोजना इस वर्ष जुलाई तक पूर्ण हो जाएगी, जिससे सवाई माधोपुर और दौसा जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार इस महत्वाकांक्षी योजना को समय पर पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। करीब 1,038.65 करोड़ रुपये लागत वाली यह परियोजना राम जल सेतु योजना का अहम हिस्सा है, जिससे लाखों लोगों को पेयजल और सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होगा। इसके साथ ही टोंक जिले के भूजल स्तर में भी सुधार होगा।
उन्होंने बांध स्थल का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति और तकनीकी मानकों की समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि लिफ्ट, इंटेक वेल, पम्प सिस्टम और स्काडा सिस्टम से जुड़े कार्यों को समय पर पूरा किया जाए। साथ ही नियमित मॉनिटरिंग और विभागीय समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया।
परियोजना के प्रथम चरण में लगभग 35 लाख से अधिक आबादी को लाभ मिलेगा, जिसमें दौसा के 1079 गांव और 5 शहर तथा सवाई माधोपुर के 177 गांव और 1 शहर शामिल हैं। द्वितीय चरण के पूरा होने पर बांध की भंडारण क्षमता और बढ़ेगी।
इस दौरान मुख्य सचिव ने टोंक सर्किट हाउस में जिला कलेक्टर टीना डाबी और पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीना सहित अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर जनकल्याणकारी योजनाओं और कानून व्यवस्था की भी समीक्षा की।