



पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान किया गया वादा निभाया नहीं गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने चित्तौड़गढ़ में जनता को भरोसा दिलाया था कि कांग्रेस सरकार की कोई भी योजना बंद नहीं होगी, लेकिन वास्तविकता इससे अलग है।
जयपुर में महात्मा ज्योतिबा फुले को श्रद्धांजलि देने के बाद मीडिया से बातचीत में गहलोत ने कहा कि उनकी सरकार के समय शुरू की गई कई योजनाएं या तो बंद कर दी गई हैं या उनके नाम बदल दिए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री अपने ही वादे पर कायम नहीं हैं और राज्य सरकार भी इस दिशा में गंभीर नहीं दिख रही है।
इंतजारशास्त्र: चैप्टर- 20
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) April 11, 2026
"मोदी की गारंटी" या चुनावी जुमला?
पीएम मोदी ने वादा किया था कि भाजपा सरकार आने पर भी राजस्थान की कांग्रेस सरकार की योजनाएं व काम नहीं रुकेंगे। लेकिन 'इंतजारशास्त्र' के 19 चैप्टर गवाह हैं कि यह दावा सिर्फ एक छलावा था।
❌ भाजपा शासन में हो रही कांग्रेस… pic.twitter.com/7zNwZEVLb8
गहलोत ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट (ट्वीट) में भी इसी मुद्दे को उठाते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री द्वारा राजस्थान की जनता से किया गया वादा पूरा नहीं किया गया है और कई जनकल्याणकारी योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूत किया जाए और आमजन को राहत दी जाए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आज लोगों को पेंशन समय पर नहीं मिल रही और इलाज की सुविधाएं भी प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता परेशान है और सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।
गहलोत ने महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले के आदर्शों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार को गरीबों के हित में काम करना चाहिए और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए।
उन्होंने राज्य सरकार पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार जमीनी स्तर पर काम नहीं कर रही है और मुख्यमंत्री केवल दौरों में व्यस्त हैं। सरकार को प्रदेश की वास्तविक स्थिति का आकलन कर जनता की समस्याओं का समाधान करना चाहिए।