



झालावाड़। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजेका एक बयान इन दिनों राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। गुरुवार को झालावाड़ जिले के मनोहर थाना कस्बे से अपने बेटे और सांसद दुष्यंत सिंह के साथ ‘जनसंवाद यात्रा’ के चौथे चरण की शुरुआत करते हुए उन्होंने आमजन की समस्याओं पर बात की। सभा को संबोधित करते हुए राजे ने कहा कि लोगों के छोटे-छोटे काम अक्सर अटक जाते हैं—किसी को मकान नहीं मिलता, किसी की पेंशन रुकी रहती है और किसी को मुआवजा नहीं मिल पाता।
पूर्व मुख्यमंत्री राजे ने अपने हालिया अनुभव साझा करते हुए कहा कि कई लोग अपनी समस्याओं को लेकर उनसे मिले, लेकिन कई बार व्यक्ति अपनी ही परिस्थितियों के चलते खुद के लिए भी कुछ नहीं कर पाता। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा—“मैं अपने आप के लिए कुछ नहीं कर सकी, तुम्हारे लिए क्या करूं। मेरा चला गया, मैं अपने आपको नहीं बचा सकी और आप कहते हैं कि हमें बचा लीजिए।” उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
कार्यक्रम के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री राजे और सांसद दुष्यंत सिंह ने कामखेड़ा बालाजी धाम में दर्शन कर पदयात्रा की शुरुआत की। राजे ने जनसंवाद यात्रा को चुनौतीपूर्ण बताते हुए कहा कि तीसरे चरण में उन्हें जनता का भरपूर समर्थन और आशीर्वाद मिला। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को आशंका थी कि यात्रा में भीड़ नहीं जुटेगी, लेकिन जनता ने इस भ्रम को तोड़ते हुए व्यापक भागीदारी दिखाई।
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने झालावाड़ शहर को दो नई सौगातें भी दीं। उन्होंने ऐतिहासिक गढ़ पैलेस स्थित राजकीय संग्रहालय में गागरोन दुर्ग गैलरी और गढ़ पैलेस के सामने बने आकर्षक सेल्फी पॉइंट का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि झालावाड़ ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहरों से समृद्ध जिला है और इसे पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत पहचान दिलाने की आवश्यकता है।
पूर्व मुख्यमंत्री राजे ने कहा कि गागरोन दुर्ग गैलरी जैसे नवाचार स्थानीय विरासत के संरक्षण के साथ-साथ देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने में भी अहम भूमिका निभाएंगे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने नए सेल्फी पॉइंट पर फोटो भी खिंचवाई और क्षेत्र के विकास को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।