



जयपुर। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी से जुड़े कथित पासपोर्ट विवाद के बाद कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के घर असम पुलिस की छापेमारी ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। इस घटनाक्रम के बाद राजस्थान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता खुलकर खेड़ा के समर्थन में सामने आए हैं और भाजपा पर तीखा हमला बोला है।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि असम चुनाव में हार के डर से भाजपा बौखला गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लोकतांत्रिक मूल्यों के बजाय पुलिस और सरकारी एजेंसियों का सहारा लेकर विपक्ष को निशाना बना रही है। गहलोत ने असम पुलिस की कार्रवाई को “कायराना हरकत” बताते हुए कहा कि कांग्रेस को ऐसे दबावों से डराया नहीं जा सकता।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी भाजपा पर संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पवन खेड़ा ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस में असम के मुख्यमंत्री और उनके परिवार से जुड़े मुद्दों को उठाया था, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। डोटासरा ने इसे विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास बताते हुए कहा कि कांग्रेस का हर कार्यकर्ता मजबूती से खड़ा है।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि भाजपा अब पुलिस और एजेंसियों के सहारे विपक्ष को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने इसे “तानाशाही का प्रमाण” बताते हुए कहा कि जवाब देने के बजाय भाजपा डराने-धमकाने की राजनीति कर रही है।
कांग्रेस नेताओं ने एक स्वर में कहा कि असम की जनता सब देख रही है और समय आने पर इसका जवाब देगी। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को तेज कर दिया है, जिससे आगामी चुनावी माहौल और अधिक गर्म होने के संकेत मिल रहे हैं।