



जयपुर। राजस्थान में तेजी से बढ़ रहे कैंसर के मामलों और उसके बेहतर इलाज एवं देखभाल को लेकर जयपुर में एक महत्वपूर्ण वर्कशॉप का आयोजन किया गया। जेएलएन मार्ग स्थित एक होटल में आयोजित इस वर्कशॉप का नेतृत्व भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (BMCHRC), रोश इंडिया हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट (RIHI) और APCO ने किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर रहे, जिन्होंने कैंसर नियंत्रण और इलाज को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चिकित्सा मंत्री खींवसर ने कहा कि कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार पूरी तरह सजग है और राज्यभर में स्क्रीनिंग सुविधाओं का विस्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना (PMJAY) और राज्य सरकार की मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (MAA) के तहत कैंसर मरीजों को आईपीडी और डे-केयर में व्यापक इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि कैंसर नियंत्रण के लिए सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बीच मजबूत साझेदारी बेहद जरूरी है।
वर्कशॉप में विशेषज्ञों ने कैंसर के इलाज में ‘केयर’ यानी देखभाल के महत्व को भी रेखांकित किया। BMCHRC के कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) सुभाष पारीक ने कहा कि कई बार मरीज को सही इलाज मिलने के बावजूद पर्याप्त देखभाल और मार्गदर्शन नहीं मिलने से अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाते। ऐसे में अस्पतालों में एक मजबूत केयर इकोसिस्टम विकसित करना जरूरी है, जिसमें नर्सिंग स्टाफ और मरीज के परिजनों को भी प्रशिक्षित किया जाए।
इस अवसर पर Roche की चीफ कमर्शियल ऑफिसर डॉ. मोनिका पुरी ने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ आमजन में जागरूकता फैलाना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि यदि शुरुआती चरण में कैंसर की पहचान हो जाए, तो मरीज के ठीक होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसके लिए सरकार और निजी क्षेत्र को मिलकर एक प्रभावी मैकेनिज्म तैयार करना होगा, ताकि लोगों में लगातार जागरूकता बनी रहे। यह वर्कशॉप कैंसर के खिलाफ लड़ाई में जागरूकता, समय पर जांच और बेहतर देखभाल के महत्व को उजागर करती है, जिससे भविष्य में मरीजों को बेहतर उपचार और जीवन की गुणवत्ता मिल सके।