



जयपुर। जयपुर की द्रव्यवती नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के निर्देशों के बाद नगरीय विकास एवं आवासन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक गुप्ता ने शुक्रवार को जेडीए और नगर निगम के अधिकारियों के साथ नदी का निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया और जल्द ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) आयुक्त सिद्धार्थ महाजन, नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। टीम ने बम्बाला पुलिया से स्वर्ण जयंती पार्क तक नदी के विभिन्न हिस्सों का दौरा किया और सफाई, जल प्रवाह एवं प्रदूषण से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
निरीक्षण के बाद नगरीय विकास एवं आवासन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक गुप्ता ने संबंधित विभागों—नगर निगम, जेडीए और राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड—को निर्देश दिए कि अगले 5 दिनों के भीतर पूरे जयपुर शहर का सर्वे कर द्रव्यवती नदी में प्रदूषण कम करने के लिए एक ठोस और प्रभावी एक्शन प्लान तैयार किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से उन नालों की पहचान करने को कहा, जिनसे गंदा पानी नदी में मिल रहा है, और ऐसे नालों को प्राथमिकता से बंद करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही नदी के रख-रखाव और मेंटेनेंस पर भी जोर दिया गया। टाटा प्रोजेक्ट्स द्वारा किए जा रहे मेंटेनेंस कार्य की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। नदी किनारे बने शौचालयों, वॉक-वे और अन्य सुविधाओं की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
नगरीय विकास एवं आवासन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक गुप्ता ने स्पष्ट किया कि द्रव्यवती नदी को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ तेजी से कार्य करना होगा, ताकि आने वाले समय में नदी की स्थिति में स्पष्ट और स्थायी सुधार दिखाई दे।