Friday, 03 April 2026

पारिवारिक न्यायालय निर्माण में तेजी लाने के निर्देश: हाईकोर्ट ने सुविधाओं पर भी जताई चिंता


पारिवारिक न्यायालय निर्माण में तेजी लाने के निर्देश: हाईकोर्ट ने सुविधाओं पर भी जताई चिंता

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जयपुर। राजस्थान में पारिवारिक न्यायालय के निर्माण को लेकर हाईकोर्ट ने गंभीरता दिखाई है और इसके शीघ्र निर्माण के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में पारिवारिक न्यायालय के संयोजक एडवोकेट पूनम चंद भंडारी, अध्यक्ष डी.एस. शेखावत और महासचिव पंकज अरोड़ा ने बिल्डिंग कमेटी के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ न्यायाधीश पीएस भाटी से मुलाकात कर निर्माण कार्य की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।

बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने पारिवारिक न्यायालय में बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने न्यायालय परिसर में पानी और शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाओं की तत्काल व्यवस्था करने का आग्रह किया। साथ ही निर्माण कार्य में आ रही बाधाओं की जानकारी देते हुए बाउंड्री वॉल के निर्माण में अवैध रूप से बने कमरों को हटाने की मांग भी रखी गई।

वरिष्ठ न्यायाधीश पी.एस. भाटी ने बैठक के बाद राजस्थान हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को आवश्यक निर्देश जारी किए और आश्वासन दिया कि वे स्वयं पारिवारिक न्यायालय का निरीक्षण भी करेंगे। उन्होंने निर्माण कार्य में तेजी लाने और लंबित समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया।

बैठक में अधिवक्ताओं के लिए चैंबर की कमी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। एडवोकेट भंडारी ने बताया कि प्रदेश में जहां नए न्यायालय भवन बन रहे हैं, वहां वकीलों के लिए बैठने की समुचित व्यवस्था नहीं की जा रही है। उन्होंने जयपुर के शाहपुरा में बन रहे नए न्यायालय भवन का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां कोर्ट और अधिकारियों के आवास तो तैयार हो चुके हैं, लेकिन अधिवक्ताओं के चैंबर का निर्माण नहीं हुआ है।

इस पर न्यायाधीश भाटी ने कहा कि वकीलों के चैंबर का निर्माण भी उतना ही आवश्यक है और इसे प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि न्यायालय भवनों के साथ-साथ चैंबर निर्माण को भी शामिल किया जाएगा। साथ ही सूरतगढ़ में न्यायालय निर्माण के लिए आवंटित भूमि और बजट के बावजूद कार्य शुरू नहीं होने के मामले में भी शीघ्र निर्णय लेने की बात कही।

महासचिव पंकज अरोड़ा ने वरिष्ठ न्यायाधीश का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद उन्होंने समय देकर समस्याओं को गंभीरता से सुना और समाधान का आश्वासन दिया। यह बैठक न्यायिक ढांचे के सुदृढ़ीकरण और अधिवक्ताओं व वादकारियों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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