



जयपुर। हाईकोर्ट ने 83 वर्षीय बुजुर्ग महिला से 80 लाख रुपए की साइबर ठगी के मामले में आरोपी नवीन टेमानी को बड़ा झटका देते हुए उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। जस्टिस समीर जैन की अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि आरोपी इस पूरे मामले का मुख्य सरगना है और उसके खिलाफ गंभीर आरोप हैं।
अदालत ने माना कि आरोपी ने अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलकर एक अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी रैकेट संचालित किया। इस गिरोह ने बुजुर्ग महिला को तथाकथित “डिजिटल अरेस्ट” में फंसाकर उससे 80 लाख रुपए ठग लिए। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम को दुबई भेजने के लिए 34 फर्जी बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया।
मामले की गंभीरता इस बात से भी स्पष्ट होती है कि आरोपी के खिलाफ अब तक कुल 87 शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। कोर्ट ने कहा कि मामले की गहराई से जांच के लिए आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ करना आवश्यक है, ताकि मोबाइल फोन, लैपटॉप और सिम कार्ड जैसे इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बरामद किए जा सकें और पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।
अदालत ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में अग्रिम जमानत देने से जांच प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है और साजिश का पूरा खुलासा संभव नहीं हो पाएगा। इसी आधार पर याचिका खारिज कर दी गई।