Thursday, 02 April 2026

ओबीसी आयोग पर डोटासरा का हमला, आयोग भंग करने की मांग, चुनाव टालने पर सरकार को घेरा


ओबीसी आयोग पर डोटासरा का हमला, आयोग भंग करने की मांग, चुनाव टालने पर सरकार को घेरा

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ब्यावर। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने ओबीसी आयोग को लेकर राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए आयोग को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग की मंशा ठीक नहीं है और हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेशों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। डोटासरा ने यह बयान ‘संगठन बढ़ाओ, लोकतंत्र बचाओ’ अभियान के तहत आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए दिया।

उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने 14 नवंबर 2025 को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि 15 अप्रैल 2026 तक पंचायत और निकाय चुनाव कराए जाएं, लेकिन सरकार इस आदेश की अनदेखी कर रही है। डोटासरा ने आरोप लगाया कि एक ओर कोर्ट ने समयसीमा तय की है, वहीं दूसरी ओर राज्य निर्वाचन आयोग 22 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची जारी करने का कार्यक्रम बना रहा है, जिससे साफ है कि चुनाव जानबूझकर टाले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि ओबीसी आयोग एक वर्ष में भी सर्वे रिपोर्ट तैयार नहीं कर पाया है, तो ऐसे आयोग को भंग कर देना चाहिए।

डोटासरा ने आगे कहा कि भाजपा सरकार लोकतंत्र की हत्या पर आमादा है और पंचायत व निकाय चुनाव टालने के लिए ओबीसी रिपोर्ट का बहाना बना रही है। उन्होंने पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर के बयान पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 1993 में 73वें और 74वें संवैधानिक संशोधनों के बाद स्थानीय निकायों को संवैधानिक दर्जा मिला और हर पांच वर्ष में चुनाव कराना अनिवार्य हो गया। इसके बाद राजस्थान में चुनाव टालने की परंपरा नहीं रही, केवल कोरोना जैसी असाधारण परिस्थितियों में ही सीमित देरी हुई थी, वह भी सुप्रीम कोर्ट की अनुमति से।

उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति में कोर्ट खुद चुनाव कराने के निर्देश दे रहा है, फिर भी सरकार चुनाव नहीं करवा रही, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। डोटासरा ने मांग की कि सरकार तत्काल चुनाव प्रक्रिया शुरू करे और संवैधानिक व्यवस्था का सम्मान सुनिश्चित करे।

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