



जयपुर। मानसरोवर स्थित वीटी रोड मेला ग्राउंड में आयोजित शिव महापुराण कथा के दौरान कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने आधुनिक शादी समारोहों में बढ़ते दिखावे और धार्मिक प्रतीकों के गलत उपयोग पर चिंता जताई। कथा के तीसरे दिन रविवार को उन्होंने कहा कि आज के फैशन के दौर में लोग परंपराओं से भटकते जा रहे हैं और भगवान की मूर्तियों का अनुचित स्थानों पर उपयोग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यदि शादी में सजावट करनी है तो पुतला-पुतली या अन्य सजावटी चीजें लगाई जा सकती हैं, लेकिन भगवान की मूर्तियों को दरवाजे पर खड़ा करना उचित नहीं है। आजकल शादियों में लोग श्रीनाथजी, गणेशजी, राधा-कृष्ण या शिवजी की मूर्तियां प्रवेश द्वार पर रख देते हैं, जबकि अंदर लोग नशे की हालत में आते-जाते हैं और असम्मानजनक व्यवहार करते हैं।
प्रदीप मिश्रा ने कहा कि कई बार लोग भोजन करने के बाद टिशू पेपर भगवान की मूर्तियों के सामने ही फेंक देते हैं, जो आस्था के प्रति अनादर दर्शाता है। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि भगवान की मूर्ति स्थापित करनी ही है तो उसे विवाह मंच (स्टेज) पर स्थापित किया जाए, ताकि आने-जाने वाले लोग श्रद्धा से उन्हें प्रणाम कर सकें।
उन्होंने लोगों को सचेत करते हुए कहा कि दिखावे की अंधी दौड़ में अपनी परंपराओं और आस्था का अपमान नहीं करना चाहिए। साथ ही उन्होंने संदेश दिया कि जीवन में संतुलन बनाए रखें और अत्यधिक अहंकार से बचें, क्योंकि इसका परिणाम अंततः नुकसानदायक हो सकता है।