Saturday, 21 March 2026

खंडेलवाल वैश्य महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक 22 मार्च को दिल्ली में, देशभर से जुटेंगे समाजजन


खंडेलवाल वैश्य महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक 22 मार्च को दिल्ली में, देशभर से जुटेंगे समाजजन

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नई दिल्ली। अखिल भारतवर्षीय खंडेलवाल वैश्य महासभा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की 35वीं बैठक का आयोजन 22 मार्च को दिल्ली में किया जाएगा। यह बैठक खंडेलवाल युवा जनजागरण समिति, दिल्ली के तत्वावधान में पीतमपुरा स्थित गोल्डन एप्पल (पुलिस लाइन रोड नंबर-13, मिलन अपार्टमेंट डिस्ट्रिक्ट पार्क के पास) में आयोजित होगी, जिसमें देशभर से समाज के पदाधिकारी और सदस्य शामिल होंगे।

इस महत्वपूर्ण बैठक में समाज के विकास, संगठन को सशक्त बनाने और विभिन्न सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षिक मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। महासभा के अध्यक्ष रमेश चन्द्र गुप्ता (तूंगा वाले) ने बताया कि बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे, जो समाज के भविष्य की दिशा तय करेंगे।

कार्यक्रम में लोकसभा सांसद एवं कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के महासचिव Praveen Khandelwal मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके अलावा महासभा के मुख्य कार्यकारी अध्यक्ष संजीव कुमार कट्टा, प्रधानमंत्री चंद्र प्रकाश खंडेलवाल, कार्यकारी अध्यक्ष गोपाल खंडेलवाल (एडवोकेट, मथुरा), गिरधारीलाल खंडेलवाल (डीग), कार्यालय मंत्री रामकिशोर खुटेटा सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे।

राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी प्रोफेसर रमेश कुमार रावत ने बताया कि इस अवसर पर देश के विभिन्न राज्यों—राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, असम, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश सहित कई क्षेत्रों से प्रतिनिधि भाग लेंगे। साथ ही दिल्ली, कोलकाता, अहमदाबाद, हैदराबाद, मुंबई और अन्य प्रमुख शहरों से भी बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं सदस्य इस बैठक में शामिल होंगे।

बैठक के सफल आयोजन के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया गया है, जो आवास, पंजीकरण, भोजन और कार्यक्रम संचालन जैसी व्यवस्थाओं को संभालेंगी। मंच संचालन और अतिथियों के स्वागत के लिए भी विशेष टीमों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस आयोजन को सफल बनाने में दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों की कई खंडेलवाल समाज संस्थाएं सहयोग कर रही हैं। यह बैठक समाज के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और भविष्य की योजनाओं को दिशा देने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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