



पुष्कर। तीर्थराज पुष्कर में आयोजित शत गायत्री पुनश्चरण महायज्ञ के दौरान नवरात्रि पर्व के अवसर पर भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। नवरात्रि के द्वितीय दिवस पर महायज्ञ स्थल पर पांच अलग-अलग मंचों से भव्य रूप में माता गायत्री की महा आरती आयोजित की गई, जिसके पश्चात पुष्कर राज की महा आरती भी संपन्न हुई। इस धार्मिक आयोजन में पंडित चंद्रशेखर गौड़, यज्ञ नारायण गौड़, शशांक पाराशर, राहुल पाराशर और माधव लाल पाराशर ने मंत्रोच्चार के साथ महा आरती करवाई, जबकि आचार्य पंडित कैलाश नाथ के निर्देशन में संपूर्ण अनुष्ठान संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के दौरान काशी के मीमांसा विद्वान प्रोफेसर कमला कांत त्रिपाठी द्वारा रचित पुस्तक “प्रवचन धर्माधिकार विमर्श” का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर यज्ञ सम्राट प्रखर जी महाराज, विशिष्ट अतिथि डॉ. रामप्रिया पांडे, सनातन धर्म रक्षा संघ अजमेर के अध्यक्ष एवं पूर्व न्यायाधीश अजय शर्मा सहित अनेक विद्वान और गणमान्यजन उपस्थित रहे। पुस्तक के संपादक प्रो. त्रिपाठी ने इसके लेखन के उद्देश्य और विषय-वस्तु पर प्रकाश डाला, वहीं डॉ. रामप्रिया पांडे ने भी सनातन धर्म से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए।
यज्ञ सम्राट प्रखर जी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि विश्व में बढ़ रही अशांति और युद्ध की परिस्थितियों के बीच इस प्रकार के महायज्ञ विश्व शांति का मार्ग प्रशस्त करेंगे और सनातन धर्म के प्रसार में सहायक बनेंगे। वहीं पूर्व न्यायाधीश अजय शर्मा ने प्रखर जी महाराज के विचारों को जीवन में आत्मसात करने पर बल दिया।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर डॉ. कुलदीप शर्मा, देवेंद्र त्रिपाठी, अरुण कुमार पाराशर, एडवोकेट रघु पारीक, एडवोकेट अर्पित सांखला, गुलाब ओदिचय सहित सैकड़ों विद्वान, पंडित, श्रद्धालु और समाज के प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। नवरात्रि के इन नौ दिनों में प्रतिदिन पांच मंचों से होने वाली महा आरती श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।