Friday, 20 March 2026

राजस्थान पुलिस में ‘मातृ शक्ति’ की मिसाल: 10 महिला कर्मियों ने साहस, सेवा और संवेदनशीलता से रचा इतिहास


राजस्थान पुलिस में ‘मातृ शक्ति’ की मिसाल: 10 महिला कर्मियों ने साहस, सेवा और संवेदनशीलता से रचा इतिहास

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जयपुर। राजस्थान पुलिस में महिला सशक्तिकरण की प्रेरक तस्वीर सामने आई है, जहां 10 महिला पुलिसकर्मियों ने अपने साहस, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा से समाज में एक नई मिसाल कायम की है। इन महिला कर्मियों ने यह साबित किया कि वर्दी में मातृत्व, मजबूती और जिम्मेदारी तीनों का संतुलन संभव है।

इनमें से किसी ने जान जोखिम में डालकर लोगों की जान बचाई, तो किसी ने गंभीर अपराधों का खुलासा कर न्याय दिलाया। वहीं कई महिला कर्मियों ने संवेदनशील मामलों को सूझबूझ से संभालते हुए पुलिस की मानवीय छवि को मजबूत किया। खास बात यह रही कि इन सभी ने अपने पारिवारिक दायित्वों के साथ-साथ पुलिस सेवा की कठिन जिम्मेदारियों को भी बखूबी निभाया।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इन महिला पुलिसकर्मियों से मुख्यमंत्री निवास पर संवाद कर उनके साहसिक कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन जांबाज बेटियों के कार्य पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा हैं। चाहे महिला अपराधों का खुलासा हो, उफनती नहर में कूदकर जान बचाना हो या बैंक लूट के दौरान अपराधियों का सामना करना—इन सभी ने अदम्य साहस का परिचय दिया है।

इनमें अलवर की डीएसपी डॉ. पूनम ने महिला अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए कई अपराधियों को जेल भेजा, जबकि जयपुर की एसएचओ गुंजन वर्मा ने दुष्कर्म मामले में मात्र दो दिन में चार्जशीट पेश कर तेज न्याय की मिसाल पेश की। राजसमंद की उपनिरीक्षक सोनाली शर्मा ने हत्या और अपहरण के मामलों को सुलझाकर उल्लेखनीय कार्य किया।

खेल के क्षेत्र में भी महिला पुलिसकर्मियों ने परचम लहराया है। हेड कांस्टेबल गायत्री देवी और कांस्टेबल रितु राठौर ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर पुलिस विभाग का नाम रोशन किया। वहीं बांसवाड़ा की कांस्टेबल गंगा डामोर ने उफनती नहर में कूदकर महिला की जान बचाई, जबकि जयपुर की कांस्टेबल मेनका कुमारी ने बैंक लूट के दौरान अपराधियों को दबोचकर बहादुरी दिखाई। इसके अलावा, कांस्टेबल विमला, धोली बाई और हेड कांस्टेबल सरोज चौधरी जैसी महिला कर्मियों ने भी अपनी सूझबूझ, सतर्कता और संवेदनशीलता से समाज में विश्वास कायम किया। इन सभी महिला पुलिसकर्मियों ने यह साबित कर दिया कि कर्तव्य से बढ़कर कुछ नहीं होता। आज ये महिला कर्मी केवल पुलिस विभाग ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए रोल मॉडल बन चुकी हैं। खासकर युवतियों के लिए ये प्रेरणा हैं कि मेहनत, लगन और साहस से किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल की जा सकती है।

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