



पुष्कर। तीर्थ नगरी पुष्कर में चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित शत (100) गायत्री पुरूश्चरण महायज्ञ के तहत भव्य महाआरती में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। गुरुवार को महायज्ञ स्थल पर पांच अलग-अलग मंचों से एक साथ महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य अर्जित किया। विशेष बात यह रही कि पहली बार पुष्कर सरोवर की महाआरती करने वाले प्रमुख तीर्थ पुरोहितों ने सामूहिक रूप से इस महाआरती का शुभारंभ किया।
महाआरती के संयोजक कांतिकुमार लाला भोमिया ने बताया कि मां भगवती गायत्री की प्रेरणा से नव संवत्सर और चैत्र नवरात्रि के अवसर पर इस आयोजन की शुरुआत की गई है। प्रथम दिन पं. रविकांत शर्मा, पं. चंद्रशेखर गौड़, पं. राहुल पाराशर, पं. माधव पाराशर और पं. शशांक पाराशर द्वारा पांच मंचों से सामूहिक महाआरती की गई। आगामी आठ दिनों तक प्रतिदिन एक मंच से नियमित महाआरती आयोजित की जाएगी।
यह महायज्ञ स्वामी प्रखर महाराज के सान्निध्य में संचालित हो रहा है, जिसमें देशभर से आए विद्वान पंडितों द्वारा प्रतिदिन करीब 60 लाख गायत्री मंत्रों का जाप किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रतिदिन शाम 5 बजे से पौने 7 बजे तक 200 यज्ञ कुंडों में छह लाख से अधिक गायत्री मंत्रों की आहुतियां दी जा रही हैं।
महायज्ञ स्थल पर प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु पहुंचकर परिक्रमा कर रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्ति और आध्यात्मिकता का वातावरण बना हुआ है। यज्ञ की पूर्णाहुति के तुरंत बाद प्रतिदिन माता गायत्री की महाआरती आयोजित की जाती है, जिसमें श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है।
इस अवसर पर पंडित कैलाश नाथ दाधीच, रघुपति, डॉ. कुलदीप, सेवानिवृत न्यायाधीश अजय शर्मा,सामाजिक कार्यकर्ता अरुण पाराशर, अरुण बाबू, लाला इंटरनेशनल के निदेशक एवं समाजसेवी लाला भाई, गोविंद पाराशर, इंद्र पवार सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। यह आयोजन पुष्कर में धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।