



जयपुर। राजस्थान दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित उद्यमी संवाद समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि उद्योग और निवेश आर्थिक समृद्धि के सबसे महत्वपूर्ण माध्यम हैं और उद्यमी न केवल अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा रहे हैं बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी गति प्रदान कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने उद्यमियों से आह्वान किया कि वे राजस्थान में उपलब्ध निवेश के अवसरों का अधिकतम लाभ उठाएं और राज्य की विकास यात्रा में सक्रिय भागीदारी निभाएं, जिससे विकसित भारत और विकसित राजस्थान के संकल्प को साकार किया जा सके।
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है और लगातार नीतिगत सुधार किए जा रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप राजस्थान औद्योगिक विकास की नई गाथा लिख रहा है। उन्होंने ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के तहत किए गए सुधारों का उल्लेख करते हुए बताया कि निवेश प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाया गया है, जिससे निवेशकों का विश्वास बढ़ा है और प्रदेश तेजी से एक प्रमुख औद्योगिक गंतव्य के रूप में उभर रहा है।
तीन नवीन नीतियां से औद्योगिक विकास को मिलेगी नई दिशा
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री शर्माने तीन महत्वपूर्ण नई नीतियों—राजस्थान इंडस्ट्रियल पार्क प्रमोशन पॉलिसी, राजस्थान एयरोस्पेस एंड डिफेंस पॉलिसी और राजस्थान सेमीकंडक्टर पॉलिसी—का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि ये नीतियां प्रदेश को भविष्य की तकनीकों और वैश्विक निवेश के केंद्र के रूप में स्थापित करने में सहायक सिद्ध होंगी। इसके साथ ही उन्होंने औद्योगिक विकास से जुड़े विभिन्न कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया तथा विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक और आवंटन पत्र भी वितरित किए।
मुख्यमंत्री शर्मा ने जानकारी दी कि राज्य सरकार की निवेशपरक नीतियों के कारण ‘राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट’ में 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू हुए, जिनमें से 8 लाख करोड़ रुपये के कार्य धरातल पर शुरू हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में विभिन्न औद्योगिक पार्कों और लॉजिस्टिक हब का तेजी से विकास किया जा रहा है, जिससे उद्योगों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।
14 विभागों की 143 से अधिक सेवाएं एक मंच पर उपलब्ध
मुख्यमंत्री शर्मा ने यह भी बताया कि ‘रिप्स 2024’ के माध्यम से निवेश को प्रोत्साहन दिया जा रहा है तथा राजनिवेश पोर्टल को राष्ट्रीय सिंगल विंडो सिस्टम से जोड़कर 14 विभागों की 143 से अधिक सेवाएं एक ही मंच पर उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अतिरिक्त, युवाओं को कौशल विकास और रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए विभिन्न नीतियां लागू की गई हैं, जिससे लाखों युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार मिला है।
मुख्यमंत्री शर्मा ने बजट 2026-27 में किए गए प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि निवेशकों के लिए डायरेक्ट अलॉटमेंट पॉलिसी लागू की गई है और सभी संभागीय मुख्यालयों पर प्लग एंड प्ले सुविधा विकसित की जाएगी। साथ ही, औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार, लॉजिस्टिक पार्कों की स्थापना और नए निवेश क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और उद्योग राज्य मंत्री केके विश्नोई ने भी प्रदेश में निवेश और औद्योगिक विकास को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को ऋण चेक, स्वीकृति पत्र और आवंटन पत्र प्रदान किए गए तथा उद्यमियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए सरकार के प्रयासों की सराहना की।
इस दौरान मुख्यमंत्री शर्मा ने उद्योग विभाग द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया और राजस्थान मंडपम से संबंधित वीडियो प्रस्तुतीकरण देखा। कार्यक्रम में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग शिखर अग्रवाल, आयुक्त रीको श्रीमती शिवांगी स्वर्णकार, सीआईआई, फोर्टी सहित विभिन्न उद्यम संगठनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में उद्यमी मौजूद रहे। साथ ही, वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से विभिन्न जिलों के उद्योग जगत के लोग भी जुड़ें।