



जयपुर। मानसरोवर क्षेत्र का मध्य मार्ग रविवार को पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में रंगा नजर आया, जब करीब 11 हजार महिलाएं पर्पल रंग की साड़ी पहनकर सिर पर मांगलिक कलश धारण किए भव्य कलश यात्रा के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की धर्मपत्नी गीता देवी शर्मा ने भी सिर पर कलश धारण कर महिलाओं के साथ पैदल चलकर सहभागिता निभाई, जिससे आयोजन का उत्साह और बढ़ गया।
आयोजन समिति के मुख्य व्यवस्थापक अखिलेश अत्री और मनोज पांडे ने बताया कि यात्रा का शुभारंभ अवधेशाचार्य महाराज, राघवेंद्राचार्य महाराज सहित कई प्रमुख संतों और अतिथियों की उपस्थिति में पूजा-अर्चना के साथ किया । यात्रा में आगे-आगे सजे हुए रथ, हाथी, घोड़े, बैंड-बाजे और नगाड़ों की गूंज ने पूरे माहौल को आध्यात्मिक और उत्सवमय बना दिया। महिलाओं की बड़ी संख्या को देखते हुए व्यवस्था बनाए रखने के लिए उन्हें अलग-अलग टुकड़ियों में विभाजित किया गया, जहां हर 500 महिलाओं के समूह के साथ एक-एक भव्य रथ शामिल किया गया।
यह विशाल कलश यात्रा जयपुर परिवार सेवा ट्रस्ट के बैनर तले 20 मार्च से वीटी रोड, हाउसिंग बोर्ड मैदान में आयोजित होने वाली कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा और श्री महामृत्युंजय महायज्ञ के उपलक्ष्य में निकाली गई। यात्रा केएल सैनी स्टेडियम से शाम 4 बजे रवाना होकर लगभग 3 किलोमीटर का सफर तय करते हुए करीब पौने तीन घंटे में शाम 6:45 बजे कथा स्थल पहुंची। मार्ग में श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए करीब तीन दर्जन स्वागत द्वार बनाए गए थे।
पूरे मार्ग में भक्तों की भीड़, जयकारों और धार्मिक संगीत के बीच यह कलश यात्रा मानसरोवर क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक और भव्य आयोजन के रूप में देखी गई।