



जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि सवाल उनसे किया जाना चाहिए जिन्होंने वर्षों तक किसान और मजदूर के नाम पर राजनीति की, लेकिन उनके लिए ठोस काम नहीं किए। उन्होंने कहा कि गरीबी हटाने और किसानों को आगे बढ़ाने के बड़े-बड़े नारे दिए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर किसानों और मजदूरों के हित में अपेक्षित कार्य नहीं किए गए।
मुख्यमंत्री शर्मा ने यह बातें जयपुर के दुर्गापुरा स्थित कृषि अनुसंधान केंद्र में आयोजित किसान सम्मान निधि के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुवाहाटी से पीएम किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त के हस्तांतरण कार्यक्रम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े हुए थे।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि विपक्ष अक्सर सवाल करता है कि सरकार इतनी नौकरियां कैसे दे पाएगी, लेकिन हमारी सरकार लगातार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित कर रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्षी नेता डायरी और पेन साथ रखें और सरकार द्वारा दी जा रही हर नौकरी को नोट करते जाएं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अजमेर दौरे के दौरान 25 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए थे। अब तक राज्य सरकार 1.25 लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र दे चुकी है, जबकि 1.35 लाख भर्तियां प्रक्रियाधीन हैं और एक लाख भर्तियों का कैलेंडर जारी किया जा चुका है। बजट में 25 हजार पदों की अतिरिक्त स्वीकृति भी दी गई है।
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार के केंद्र में हमेशा से किसान रहा है। राजस्थान देश में गेहूं के समर्थन मूल्य पर सबसे अधिक बोनस देने वाले राज्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि ईआरसीपी और यमुना जल समझौते जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को पहले लंबे समय तक लटकाया गया, लेकिन वर्तमान सरकार इन पर तेजी से काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने अपने सवा दो साल के कार्यकाल में संकल्प पत्र की 73 प्रतिशत घोषणाएं पूरी कर ली हैं।
मुख्यमंत्री शर्मा ने किसानों को राहत देने के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने बिजली बिलों पर 50 हजार 833 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी है और 2 लाख से अधिक नए कृषि कनेक्शन जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 से किसानों को दिन में बिजली देने का लक्ष्य रखा गया है और फिलहाल 22 जिलों में किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार 35 लाख किसानों को 25 हजार करोड़ रुपये का अल्पकालीन ऋण उपलब्ध कराएगी, जिसके लिए 800 करोड़ रुपये का ब्याज अनुदान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।